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मालदीव: ‘चीफ जस्टिस को मिली थी धमकी, आदेश नहीं पलटा तो टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएंगे’

मालदीव के चीफ जस्टिस के वकील ने गुरुवार को कहा कि उनके मुवक्किल को गिरफ्तारी से पहले जान से मारने की धमकी मिली थी...

Edited by: Khabarindiatv.com [Published on:08 Feb 2018, 7:46 PM IST]
Abdulla Yameen | AP Photo- Khabar IndiaTV
Abdulla Yameen | AP Photo

माले: दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में शुमार मालदीव इस समय भयंकर संकट से गुजर रहा है। वहां के घटनाक्रमों पर पूरी दुनिया की नजर है, और ऐसे में एक ऐसी खबर आई है जो बड़ा मुद्दा बन सकती है। मालदीव के चीफ जस्टिस के वकील ने गुरुवार को कहा कि उनके मुवक्किल को गिरफ्तारी से पहले जान से मारने की धमकी मिली थी। देश में जारी राजनीतिक संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुनवाई होने वाली है। प्रधान न्यायाधीश अब्दुल्ला सईद के वकील हिसान हुसैन ने कहा कि उनके मुवक्किल को धमकी मिली थी कि अगर हाईप्रोफाइल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ दोषसिद्धि को निरस्त करने के अदालत के आदेश को नहीं पलटा गया तो उनके ‘टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएंगे।’

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने अदालत के आदेश का पालन करने से इनकार करते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी और जस्टिस सईद को भी गिरफ्तार कर लिया गया। चीफ जस्टिस पर शासन के नेता के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है। यामीन अपने अधिकतर राजनीतिक विरोधियों को जेल भेज चुके हैं। हुसैन ने यह तो नहीं बताया कि चीफ जस्टिस को धमकी किसने दी, लेकिन उन्होंने कहा, ‘चीफ जस्टिस को वर्दीधारी जवानों ने तब उनके चैंबर से जमीन पर घसीटा जब उन्होंने कहा कि वे अदालत का अपमान कर रहे हैं।’ सइर्द उन 2 जजों में शामिल हैं जिन्हें यामीन की ओर से की गई धरपकड़ की कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने यामीन के राजनीतिक विरोधी मोहम्मद नशीद समेत शासन के अन्य आलोचकों को आतंकवाद के आरोप से मुक्त कर दिया था जिसके बाद से यामीन ने और कड़ी कार्रवाई शुरू की। मंगलवार को बाकी के 3 जजों ने ‘राष्ट्रपति द्वारा उठाई चिंताओं के मद्देनजर’ नशीद पर आतंकवाद के दोष को बहाल कर दिया था और 8 अन्य राजनीतिक कैदियों को रिहा करने के अपने पुराने आदेश को भी पलट दिया। यामीन की वेबसाइट पर बुधवार को एक वक्तव्य में कहा गया कि उनका प्रशासन अदालत द्वारा फैसला पलटे जाने का स्वागत करता है। जजों ने कहा कि उन्होंने ‘राष्ट्रपति की ओर से उठाई गई चिंताओं की रोशनी’ में ऐसा किया। यामीन ने आपातकाल घोषित कर दिया और आरोप लगाया कि जज उनका तख्तापलट करना चाहते हैं।

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