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इस्लामिक बैंक को लेकर न कोई प्रस्ताव और न कोई योजना, मौजूदा बैंकिंग व्यवस्था ही चलेगी: मुख्तार अब्बास नकवी

इस्लामिक बैंक को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के रेड सिग्नल के बाद अब सरकार की तरफ से भी इसको लेकर रुख साफ किया गया है।

Manoj Kumar [Published on:26 Nov 2017, 1:08 PM IST]
इस्लामिक बैंक को लेकर न कोई प्रस्ताव और न कोई योजना, मौजूदा बैंकिंग व्यवस्था ही चलेगी: मुख्तार अब्बास नकवी- IndiaTV Paisa
इस्लामिक बैंक को लेकर न कोई प्रस्ताव और न कोई योजना, मौजूदा बैंकिंग व्यवस्था ही चलेगी: मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली। इस्लामिक बैंक को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के रेड सिग्नल के बाद अब सरकार की तरफ से भी इसको लेकर रुख साफ किया गया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इस्लामिक बैंक को लेकर रेड सिग्नल ही दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत एक सेक्युलर देश है और देश की मौजूदा बैंकिंग व्यवस्था सभी के लिए है।

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देश में इस्लामिक बैंकिंग को शुरू करने को लेकर न तो कोई योजना है और न ही कोई प्रस्ताव। मुख्तार अब्बास नकवी से पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने भी कहा था कि बैंक की तरफ से इसको लेकर किसी तरह का प्रस्ताव नहीं है, सूचना के अधिकार के तहत रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी थी।

इस्लाम के नियमों के मुताबिक ब्याज की कमाई को हराम कहा गया है, इस्लामिक या शरिया बैंकिंग व्यवस्था में बैंक में जमा पैसों पर ब्याज नहीं दिया जाता है। भारत सरकार और रिजर्व बैंक ने देश में इस्लामिक बैंक की संभावना तलाशने पर काम किया था लेकिन अब सरकार की तरफ से साफ कह दिया गया है कि देश में इस्लामिक बैंकिंग व्यवस्था फिलहाल नहीं आएगी।

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