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काले धन पर सरकार की बड़ी सफलता, स्विस बैंकों में जमा धन के मामले में 88वें स्थान पर फिसला भारत

ताजा आंकड़ों के मुताबिक स्विट्जरलैंड के बैंकों में रखे धन के मामले में भारत फिसलकर 88वें स्थान पर आ गया है। वहीं ब्रिटेन पहले पायदान पर बना हुआ है।

Sachin Chaturvedi [Published on:02 Jul 2017, 5:16 PM IST]
काले धन पर सरकार की बड़ी सफलता, स्विस बैंकों में जमा धन के मामले में 88वें स्थान पर फिसला भारत- IndiaTV Paisa
काले धन पर सरकार की बड़ी सफलता, स्विस बैंकों में जमा धन के मामले में 88वें स्थान पर फिसला भारत

काले धन की समस्या के समाधान के लिये स्विट्जरलैंड और भारत के बीच सूचना के स्वत: आदान-प्रदान के लिये नये मसौदे से पहले ज्यूरिख स्थित एसएनबी ने यह आंकड़ा जारी किया।  एसएनबी के इन आंकड़ों में इस बात का जिक्र नहीं है कि भारतीयों, प्रवासी भारतीयों या विभिन्न देशों की इकाइयों के नाम पर अन्य ने कितना-कितना धन जमा किया हुआ है।

दुनिया भर के विदेशी ग्राहकों का स्विस बैंकों में जमा धन मामूली रूप से बढ़कर 2016 में 1,420 अरब स्विस फ्रैंक (सीएचएफ) हो गयी जो इससे पूर्व वर्ष में 1,410 अरब स्विस फ्रैंक थी। देश के हिसाब से देखा जाए तो स्विस बैंकों में जमा धन के मामले में ब्रिटेन सबसे आगे है। वहां के नागरिकों की जमा राशि 359 अरब स्विस फ्रैंक (25 प्रतिशत) हैं। अमेरिका 177 अरब स्विस फ्रैंक (14 प्रतिशत) के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा किसी अन्य देश की हिस्सेदारी दहाई अंक में नहीं है। शीर्ष 10 देशों में वेस्ट इंडीज, फ्रांस, बहमास, जर्मनी, गुएर्नसे, जर्सी, हांगकांग तथा लक्जमबर्ग हैं।

स्विट्जरलैंड में बैंकिंग गोपनीयता के खिलाफ वैश्विक अभियान के बाद ऐसी धारणा है कि जिन भारतीयों ने अपना अवैध धन पूर्व में स्विस बैंकों में रखा था, वे उन्हें दूसरी जगहों पर स्थानांतरित कर सकते हैं। काले धन के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच स्विस बैंकों ने यह भी कहा कि सिंगापुर तथा हांगकांग जैसे वैश्विक वित्‍तीय केंद्रों की तुलना में भारतीयों के स्विस बैंकों में कुछ ही जमा राशि हैं।

Web Title: स्विस बैंकों में जमा धन के मामले में 88वें स्थान पर फिसला भारत
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