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रियल्टी क्षेत्र ने बजट को बताया संतुलित, बुनियादी उद्योग का दर्जा और नई सौगात न मिलने से थोड़ा निराश

Edited by: Abhishek Shrivastava [Updated:02 Feb 2018, 3:27 PM IST]
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नई दिल्‍ली। रियल्टी क्षेत्र ने बजट में ढांचागत क्षेत्र पर जोर दिए जाने की सराहना की लेकिन रियल्टी क्षेत्र को बुनियादी उद्योग का दर्जा नहीं दिए जाने पर निराशा जाहिर की। एनारॉक प्रॉपर्टी कंस्ल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि बजट लोक-लुभावन है तथा काफी सतर्कता बरती गई है, जबकि अभी संरचनात्मक बदलावों व नीतिगत सुधारों के कारण दबाव में चल रही अर्थव्यवस्था को उत्साहजनक प्रोत्साहन देने की जरूरत थी।

जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं कंट्री हेड रमेश नैयर ने कहा कि बजट में रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि  एमएटी, बुनियादी उद्योग का दर्जा, बाह्य वित्तीय उगाही समेत कई मांगें थी पर इनके बारे में कुछ नहीं कहा गया है। नारेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि वित्त मंत्री लोकलुभावन मांगों और आर्थिक वृद्धि की जरूरतों में संतुलन बनाने में सफल रहे हैं। 

क्रेडाई नेशनल के वाइस प्रेसिडेंट और गौर्स ग्रुप के एमडी मनोज गौर ने कहा कि इस साल के यूनियन बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर और अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार द्वारा यह कदम देश के विकास के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार के 2022 तक के हाउसिंग फॉर ऑल योजना के लिए अच्छे फंड प्रदान करने की भी बात कही जो सराहनीय है। हालांकि हमने यह उम्मीद की थी कि रियल एस्टेट क्षेत्र में रेरा और और जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण एक्ट लागू होने के बाद इस साल के बजट में और भी नए संशोधन किए जाएंगे, जो पूरी नहीं हुई।

क्रेडाई वेस्‍टर्न यूपी के प्रेसिडेंट और गुलशन होम्‍स के डायरेक्‍टर दीपक कपूर ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर भावनाओं से जुड़ा हुआ सेक्टर है और यह बहुत जरुरी है की बजट में सरकार व्यक्तिगत आयकर मॉडल के लिए लाभ का प्रस्ताव देती। यूनियन बजट में आम जनता के लिए टैक्स स्ट्रक्चर से सम्बंधित किसी भी प्रकार का कोई लाभ प्रदान नहीं किया गया है। कंपनियों के कम टैक्स का बोझ रियल एस्टेट को नई शुरुआत करने और नौकरी के अवसरों को बढ़ाने के लिए अनुमति दे सकता है।

महागुन ग्रुप के डायरेक्‍टर धीरज जैन ने कहा कि आम बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को सीधे तौर पर तो कोई लाभ नहीं मिला, लेकिन कई चीज़ें ऐसी हैं जिनसे आने वाले समय में सेक्टर को फायदा मिल सकता है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और अफोर्डेबल हाउसिंग के अलावा इस बजट में रियल्टी सेक्टर के लिए कुछ ख़ास नहीं है।

सिक्‍का ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पीयूष शर्मा का कहना है कि बजट 2018-19 ने इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और जॉब के अवसरों को बढ़ाने पर काफी जोर दिया है। हालांकि,  इस बार रियल एस्टेट सेक्टर को सीधे तौर पर फायदा नहीं हुआ, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने से टियर 2 और 3 शहरों में घरों की मांग और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

साया ग्रुप के सीएमडी विकास भसीन ने कहा कि आम बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को सीधे तौर पर तो कोई लाभ नहीं मिला, लेकिन कई चीज़ें ऐसी हैं जिनसे आने वाले समय में सेक्टर को फायदा मिल सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर और इस पर तेजी से हो रहा काम रीढ़ की हड्डी साबित होगा, जिसे इस बार फिर से काफी फंड भी मिला है।

बजट का स्‍वागत करते हुए आरजी ग्रुप के एमडी राजेश गोयल ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए जोर देने के उद्देश्य से 2022 तक सभी के लिए आवास के सपने को पूरा करने का लक्ष्य है। एक बार फिर सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। खासकर अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए फण्ड का प्रस्ताव इस क्षेत्र को और भी मजबूती देगा और इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में 1 करोड़ घर बनाने का मिशन 2022 तक सबके घर होने का सपना पूरा करने में कारगर साबित होगा।

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