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'खतरनाक' है यह बंगला, कोई नहीं बनना चाहता सीएम योगी का पड़ोसी

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सभी मंत्रियों को बंगले भी मिल गए थे लेकिन सीएम आवास के बगल वाला बंगला नंबर 6 किसी को अलोट नहीं किया गया था। दरअसल, राजनैतिक गलियारों में इस बंगले को मनहूस माना जाता है।

India TV News Desk [Published on:20 Apr 2017, 8:31 AM IST]
6 kalidas marg- Khabar IndiaTV
6 kalidas marg

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सभी मंत्रियों को बंगले भी मिल गए थे लेकिन सीएम आवास के बगल वाला बंगला नंबर 6 किसी को अलोट नहीं किया गया था। दरअसल, राजनैतिक गलियारों में इस बंगले को मनहूस माना जाता है, लेकिन अब पशुधन और लघु सिंचाई मंत्री एस पी सिंह बघेल ने आगे बढ़कर इस बंगले में रहने का फैसला किया है। बंगले में रहने से पहले पूजा-पाठ कराकर मंत्री ने बंगले का शुद्धिकरण कराया है और फिर गृह प्रवेश किया।

मंत्री एस पी सिंह बघेल ने कहा कि जब सभी मंत्रियों ने यह बंगला लेने से मना कर दिया तो मैंने सोचा आगे बढ़कर किसी को बड़ी लकीर खींचनी ही होगी। वैसे भी सीएम योगी आदित्यनाथ मेरे पड़ोसी हैं। उनका प्रभामंडल और आशीर्वाद मुझे मिलता ही रहेगा। जिससे इस घर का अपशकुन दूर हो जाएगा। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं चाहिए।

इस बंगले से जुड़े मनहूसियत का मामला तब चर्चा में आया था जब भ्रष्टाचार के मामले में तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्यमंत्री और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष जावेद अब्दी को पद से बर्खास्त कर दिया था। जावेद आब्दी सीएम के करीबी माने जाते रहे हैं और उन्हें बंगला भी सीएम आवास के बगल वाला 6 कालीदास मार्ग आवंटित हुआ था। लेकिन उनकी बर्खास्तगी के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा आम हो गयी थी कि यह बंगला ही अपशकुनी हो गया है। इस बंगले में रहने वालों का राजनितिक करियर किसी ना किसी वजह से डूब गया।

अगले स्लाइड में जानें आखिर कोई मंत्री या अधिकारी क्यों नहीं रहना चाहता 6 कालीदास मार्ग में?

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