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डेरेक ओ ब्रायन के पास है 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को हराने का फॉर्मूला?

भारतीय राजनीति में एक ऐसा शख्स है जो दावा करता है कि अगर उसके बताए गए तीन फॉर्मूले के आधार पर विपक्षी पार्टियां कदमताल मिलाते हुए अमल करें और रणनीति के अनुसार काम करें तो लोकसभा चुनाव 2019 में मोदी को हराना संभव है...

Written by: Khabarindiatv.com [Updated:04 Dec 2017, 9:31 PM IST]
modi and derek- Khabar IndiaTV
modi and derek

नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक ऐसा शख्स है जो दावा करता है कि अगर उसके बताए गए तीन फॉर्मूले के आधार पर विपक्षी पार्टियां कदमताल मिलाते हुए अमल करें और रणनीति के अनुसार काम करें तो लोकसभा चुनाव 2019 में मोदी को हराना संभव है। आइए जानते आखिर वो शख्स है कौन? और उनके तीन प्रमुख फॉर्मूले क्या है जो मोदी को दूसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोक सकते है?

डेरेक ओ ब्रायन-

डेरेक ओ ब्रायन राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता हैं। डेरेक ओ ब्रायन का मानना है कि भाजपा और नरेंद्र मोदी को 2019 में रोका जा सकता है। इसके लिए तीन सूत्री सुझाव में उन्होंने कहा कि चुनाव को मोदी और ‘एक वैकल्पिक उम्मीदवार’ के बीच होने से रोका जाना चाहिए।

तृणमूल नेता का कहना है कि मोदी को रोकने के लिए विपक्ष को भाजपा के राष्ट्रीय विकल्प, क्षेत्रीय अवसरों और पार्टी के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का वास्तविक आकलन करने और उसके अनुसार रणनीति तैयार करने की जरूरत है। सुझाव दिया, ‘‘2019 की तैयारी में मैं तीन सूत्री तरीका बताता हूं।’’ ओ ब्रायन ने अपनी किताब ‘इंसाइड पार्लियामेंट : व्यूज फ्रॉम द फ्रंट रो’ में इसका उल्लेख किया है। यह किताब उनके राजनीतिक आलेखों का संकलन है।

क्या है डेरेक ओ ब्रायन के तीन प्रमुख फॉर्मूले?

पहला फॉर्मूला- उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले तो इसे नरेंद्र मोदी और किसी वैकल्पिक उम्मीदवार के बीच का राष्ट्रीय मुकाबला मत बनाइए। इससे भाजपा को फायदा होगा। इसकी बजाय इसे सभी राज्यों का चुनाव बनाइए। इसे मोदी और भाजपा के लिए 29 अलग-अलग क्षेत्रों का चुनाव बनाइए। उन्हें अलग-अलग राज्य की भाषा और मुद्दों पर चुनाव लड़ने के लिए मजबूर कीजिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को इसे गोमांस, छद्म राष्ट्रवाद या कुछ प्राइम टाइम या ट्विटर एजेंडा को लेकर ध्रुवीकरण मत करने दीजिए।’’

दूसरा फॉर्मूला है कि विपक्षी दल इस बात को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार करें कि 2014 में भाजपा का विजय रथ किस राज्य में रूक गया था।

अपने तीसरे फॉर्मूले में उन्होंने कहा है कि लोगों से नीतियों के आधार पर सरकार के प्रदर्शन को लेकर राय बनाने का आग्रह किया जाना चाहिए।

बता दें कि जिस फॉर्मूले की बात ओ ब्रायन कर रहे है वो विपक्ष के आपसी अतंकर्लह से संभव नहीं लगते लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या सभी मिलकर बीजेपी के विजय रथ को रोकने में सक्षम होते है या नहीं।

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