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असहिष्णुता का माहौल देख पत्नी ने देश छोड़ने को कहा था: आमिर खान

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ आवाज उठाने वाले प्रबुद्ध वर्ग में शामिल हो गए और कहा कि, कई घटनाओं ने उन्हें चिंतित किया है और उनकी पत्नी किरण राव ने

Bhasha [Updated:24 Nov 2015, 7:26 AM IST]
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'असहिष्णुता का माहौल देख पत्नी ने देश छोड़ने को कहा था'

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ आवाज उठाने वाले प्रबुद्ध वर्ग में शामिल हो गए और कहा कि, कई घटनाओं ने उन्हें चिंतित किया है और उनकी पत्नी किरण राव ने यहां तक सुझाव दे दिया कि उन्हें संभवत: देश छोड़ देना चाहिए।

आमिर ने उन लोगों का समर्थन किया जो अपने पुरस्कार लौटा रहे हैं और कहा कि, रचनात्मक लोगों के लिए उनका पुरस्कार लौटाना अपना असंतोष या निराशा व्यक्त करने के तरीकों में से एक है।

उन्होंने यहां पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में कहा, एक व्यक्ति के तौर पर, एक नागरिक के रूप में इस देश के हिस्से के तौर पर हम समाचार पत्रों में पढ़ते हैं कि क्या हो रहा है, हम इसे समाचारों में देखते हैं और निश्चित तौर पर मैं चिंतित हुआ हूं। मैं इससे इनकार नहीं कर सकता। मैं कई घटनाओं से चिंतित हुआ हूं।

जेम्स बांड की फिल्म पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची के बारे में सवालों पर आमिर ने कहा कि हाल-फिलहाल में सेंसर बोर्ड थोड़ा आक्रामक हुआ है।

इस पूरे मामले में उनका कहना है, यदि फिल्म को वयस्क प्रमाणपत्र मिल गया है, तो उसमें आप लगभग सबकुछ दिखा सकते हैं, क्योंकि कोई भी वयस्क तय कर सकता है कि उसे फिल्म देखनी है या नहीं। प्रमाणपत्र के बाद सेंसरशिप की जरूरत नहीं है। प्रमाणपत्र की हमारी समझ यही है।

असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है:

आमिर ने कहा कि, वह महसूस करते हैं कि पिछले छह से आठ महीने में असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है।

उन्होंने कहा, मैं जब घर पर किरण के साथ बात करता हूं, वह कहती हैं कि क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए? किरण का यह बयान देना एक दुखद एवं बड़ा बयान है। उन्हें अपने बच्चे की चिंता है। उन्हें भय है कि हमारे आसपास कैसा माहौल होगा। उन्हें प्रतिदिन समाचारपत्र खोलने में डर लगता है।

50 वर्षीय आमिर ने कहा, यह बेचैनी बढ़ने की भावना का संकेत है, चिंता के अलावा निराशा बढ़ रही है। आप महसूस करते हैं कि यह क्यों हो रहा है, आप कमजोर महसूस करते हैं। मेरे भीतर यही भावना है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए सुरक्षा की भावना और न्याय की भावना होनी जरूरी है।

उन्होंने राजनीतिग्यों पर निशाना साधते हुए कहा, ...जो लोग हमारे चुने हुए प्रतिनिधि हैं, जिन लोगों को हमने राज्य या केंद्र में पांच वर्ष तक हमारी देखभाल करने के लिए चुना...जब लोग कानून अपने हाथों में लेते हैं, हम कड़ा रूख अपनाने, एक कड़ा बयान देने, कानूनी प्रक्रिया तेज करने के लिए उनकी ओर देखते हैं, जब हम देखते हैं कि कुछ हो रहा है हमारे भीतर एक सुरक्षा की भावना आती है लेकिन जब हम कुछ होते हुए नहीं देखते तब हमारे भीतर एक असुरक्षा की भावना आती है।

धर्म के नाम पर हिंसा निंदनीय है:

अभिनेता से जब पेरिस हमले और ISIS पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा निंदनीय है।

आमिर ने कहा, मैं इन चीजों के बारे में सोचता हूं। मुझे नहीं लगता कि वह इस्लामिक कदम था। एक व्यक्ति कुरान लेकर लोगों की हत्याएं कर रहा है, उसे लगता होगा कि वह इस्लामिक कदम उठा रहा है, लेकिन मुसलमान होने के नाते मुझे लगता है कि वह जो कर रहा है वह इस्लामिक नहीं है।

उन्होंने कहा, मेरे लिए स्पष्ट है, एक व्यक्ति जो मासूमों की हत्या कर रहा है, मुसलमान नहीं है। जहां तक मेरा सवाल है, वह मुसलमान नहीं है। वह मुसलमान होने का दावा कर सकता है, लेकिन हमें उसे मुसलमान नहीं मानना चाहिए। वह आतंकवादी है और उसे आतंकवादी के रूप में ही पहचानना चाहिए। मेरी समस्या सिर्फ ISIS से नहीं बल्कि उस तरह की सोच से है।

पुरस्कार लौटाने का किया समर्थन:

उन्होंने वैग्यानिकों, लेखकों और फिल्मनिर्माताओं द्वारा अपने पुरस्कार लौटाने और बढ़ती असहिष्णुता के माहौल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि रचनात्मक लोगों के लिए वह बात उठानी जरूरी है जो वे महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, बड़ी संख्या में रचनात्मक लोगों...इतिहासकार, वैग्यानिक...के भीतर कुछ भावना है जिसके बारे में वे मानते हैं कि उसे व्यक्त करने की जरूरत है। रचनात्मक लोगों के लिए अपना असंतोष या निराशा व्यक्त करने का एक तरीका अपने पुरस्कार लौटाना है। मेरा मानना है कि यह अपनी बात रखने के तरीकों में से एक है।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह लोगों के विरोधों का समर्थन करते हैं, आमिर ने कहा कि वह तब तक समर्थन करेंगे जब तक वह अहिंसक रहेगा क्योंकि सभी व्यक्तियों को विरोध करने का अधिकार है और वे ऐसे किसी भी तरीके से विरोध कर सकते हैं जिसे वे सही मानते हैं जब तक वे कानून को अपने हाथों में नहीं ले रहे हैं।

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Web Title: असहिष्णुता का माहौल देख किरण ने देश छोड़ने को कहा था: आमिर खान
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