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पैडमैन मूवी रिव्यू 3/5: जब महिलाओं की सुरक्षा अक्षय कुमार के लिए बनी जिद्द, एक बार फिर मचा रहे हैं धमाल

Padman Movie Review अक्षय कुमार, राधिका आप्टे और सोनम कपूर के अभिनय से सजी फिल्म 'पैडमैन' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। अगर आप भी फिल्म देखने जा रहे हैं तो पहले पढ़े ये रिव्यू।

Edited by: Bhavna Sahni [Updated:09 Feb 2018, 6:21 PM IST]
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नई दिल्ली: बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार के अभिनय से सजी फिल्म 'पैडमैन' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि फिल्म तमिलनाडु के अरुणाचलम मुरुगनाथम की जिंदगी पर आधारित है। उन्होंने महिलाओं के लिए सस्ते सैनिटरी पैड उपलब्ध करवाने के लिए कड़ी मेहनत की है। फिल्म में अक्षय, मुरुगनाथम की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं, हालांकि उनका नाम 'लक्ष्मीकांत चौहान' है। फिल्म में बेहद खूबसूरती के साथ इस विषय को दर्शकों के सामने पेश करने का प्रयास किया गया है, साथ ही इसमें यह भी दिखाया गया है कि देशभर में सिर्फ 12% महिलाएं ही ऐसी हैं जो सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करती हैं और बाकी गंदा कपड़ा, राख और सूखे पत्ते जैसी चीजों का इस्तेमाल कर रही हैं। फिल्म में महावारी और इससे होने वाली परेशानियों के बारे में खुलकर बताया गया है, इसके साथ ही महिलाओं के रोजगार पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।

कहानी:-

लक्ष्मीकांत चौहान (अक्षय कुमार) की गायत्री (राधिका आप्टे) के साथ शादी होती है। इसके बाद ही उसे महिलाओं के साथ होने वाली महावारी के बारे में संक्षिप्त में पता चलता है। लेकिन उसे यह देखकर बेहद हैरानी होती है कि हर महीने के इन 5 दिनों में उसकी पत्नी गंदे कपड़े का इस्तेमाल करती है और घर के बाहर रहती है। लेकिन एक दिन लक्ष्मी को डॉक्टर बताते हैं कि गंदा कपड़ा, राख, भूसा और छाल जैसी चीजों का इस्तेमाल करने के कारण महिलाएं कई गंभीर बीमारियों को न्यौता दे रही हैं। इस बात का पता चलते ही लक्ष्मीकांत अपनी पत्नी गायत्री की सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हो जाता है और गंदा कपड़ा इस्तेमाल करने के लिए मना करता है। लेकिन लाख समझाने के बाद भी गायत्री उसकी बात नहीं मानती। हालांकि वह बाजार में बिकने वाले पैड भी उसे लाकर देता है, लेकिन इसकी कीमत दोगुनी होने के कारण वह इस इस्तेमाल करने से इंकार कर देती है। इसके बाद लक्ष्मी खुद पैड बनाने की ठान लेता है।

पैड बनाने की लक्ष्मीकांत की जिद्द उसके सिर पर इस कदर सवार हो जाती है कि उसकी रातों की नींदे तक उड़ जाती है। इस दौरान लक्ष्मीकांत कई ऐसे प्रयोग करता है जिन्हें देखकर आप दंग रह जाएंगे। हालांकि पैड बनाने के कारण लक्ष्मी को समाज में तो तिरस्कार झेलना ही पड़ता है, इसकी वजह से उसकी मां, बहनें और यहां तक पत्नी भी साथ छोड़ देती है। लेकिन इस जिल्लत के बाद लक्ष्मी के इरादे और पक्के हो जाते हैं। इस दौरान उसकी मुलाकात एक एफबीए स्टूडेंट परी (सोनम कपूर) से होती है, जो हर मुश्किल रास्ते पर उसके साथ चल पड़ती है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होता है कि किस तरह लक्ष्मीकांत को न सिर्फ उसके गांव में बल्किन दुनियाभर में इज्जत हासिल होती है।

अभिनय:-

एक्टिंग के बारे में बात करें तो अक्षय की पत्नी का किरदार निभा रहीं राधिका आप्टे ने अपनी भूमिका काफी अच्छे ढंग से पर्दे पर उतारी है। उन्होंने बेहद शानदार दिखाया कि किसी गांव में रहने वाली महिला के लिए इस विषय पर बात करना भी जैसे कोई पाप है। वहीं दूसरी ओर सोनम कपूर के बारे में बात करें तो फिल्म में उनका किरदार बहुत बड़ा तो नहीं है, लेकिन बेहद दमदार है। सोनम की सादगी और मजबूत भूमिका ने दर्शकों का दिल जीत लिया। अब अक्षय कुमार की चर्चा की जाए तो, वह पूरी तरह से मुरुगनाथम के रंग में रंगे दिखे। उन्होंने पूरी फिल्म में दर्शकों को कहीं अपनी हरकतों से हंसाया तो कुछ सीन्स में उनकी कड़ी मेहनत और तपस्या को देख लोगों की आंखे नम हो गईं।

समीक्षा:-

फिल्मकार आर.बाल्की ने इस कहानी को काफी खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है। फिल्म में एक ऐसे मुद्दे को उठाया गया है, जिसके बारे में शहरों के पढ़े-लिखे लोग भी खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। हालांकि फिल्म की लंबाई थोड़ी कम की जा सकती थी, लेकिन इसके बावजूद आप कहीं भी बोर नहीं होंगे। 'पैडमैन' में गंभीर विषय को भी मसालेदार तड़का लगाकर दर्शकों के सामने परोसा गया है। एक बेहतरीन विषय और अक्षय कुमार की शानदार एक्टिंग के लिए एक वीकेंड 'पैडमैन' देखने के लिए सिनेमाघरों का रुख कर सकते हैं।

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