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डिजिटल इकोनॉमी को SBI का झटका, PoS मशीनों की संख्या में भारी कटौती

सरकार की डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने की कोशिश को SBI की तरफ से कुछ झटका जरूर लगा है। जनवरी में बैंक की प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों में बढ़ोतरी होने के बजाए कमी आई है

Reported by: Manoj Kumar 04 Mar 2018, 14:23:07 IST
Manoj Kumar

नई दिल्ली। देश में ATM मशीनों का सबसे बड़ा नेटवर्क फैलाने वाले बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी ऑनसाइट ATM में भारी कटौती की है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सिर्फ ऑनसाइट ATM की संख्या ही नहीं घटाई है बल्कि प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनों की संख्या में भी भारी कटौती की है।

ऑनसाइट ATM घटाए लेकिन ऑफसाइट ATM में बढ़ोतरी

RBI के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर अंत में SBI के कुल 28435 ऑनसाइट ATM थे जो जनवरी में घटकर 26507 रह गए हैं। हालांकि बैंक अपने ऑफ साइट ATM की संख्या लगातार बढ़ा रहा है। दिसंबर में बैंक के 30558 ऑफसाइट ATM थे जो जनवरी में बढ़कर 32582 हो गए हैं। यानि कुल मिलाकर बैंक के ATM की संख्या घटन के बजाए बढ़ी है।

PoS मशीनों की संख्या में 3500 से ज्यादा कटौती

हालांकि सरकार की डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने की कोशिश को SBI की तरफ से कुछ झटका जरूर लगा है। जनवरी में बैंक की प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों में बढ़ोतरी होने के बजाए कमी आई है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर अंत में SBI की PoS मशीनों की संख्या 6,33,640 थी जो जनवरी में घटकर 6,30,068 रह गई है, यानि PoS मशीनों की संख्या में 3572 की कमी देखने को मिली है।   

PoS मशीनों की संख्या घटने से डिजिटल लेन-देन हो सकता है प्रभावित

बैंकिंग सेवाओं के लिहाज से SBI देश का सबसे बड़ा बैंक है, देशभर में बैंक के पास सबसे ज्यादा ग्राहक हैं, जनवरी के दौरान SBI के लगभग 27.67 करोड़ डेबिट कार्ड और 59.09 लाख क्रेडिट कार्ड दर्ज किए गए हैं। ऐसे में बैंक की अगर प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों की संख्या में कमी आती है तो इससे देश में डिजिटल लेनदेन प्रभावित हो सकता है।