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महंगे होते पेट्रोल-डीजल से चिंतित है सरकार, प्रधान ने सऊदी अरब से कीमतें स्थिर और नरम रखने को कहा

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर कच्‍चे तेल का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच जाने के बाद प्रधान ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक के प्रमुख सदस्य देश सऊदी अरब को कीमत स्थिर और नरम रखने का आग्रह किया है।

Edited by: India TV Paisa 18 May 2018, 16:54:58 IST
India TV Paisa

नई दिल्‍ली। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को लेकर चिंतित हैं। अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर कच्‍चे तेल का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच जाने के बाद प्रधान ने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक के प्रमुख सदस्य देश सऊदी अरब को कीमत स्थिर और नरम रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में वृद्धि का भारतीय उपभोक्ताओं के साथ अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।  

यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधान ने सऊदी अरब के ऊर्जा, उद्योग तथा खनिज संसाधन मंत्री खालिद अल फलीह के साथ कल मुलाकात के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को लेकर चिंता जताई। यह बैठक दोनों देशों के बीच मौजूदा तेल बाजार में संयुक्त रूप से सहयोग जारी रखने पर चर्चा के लिए हुई। 

ब्रेंट क्रूड तेल का भाव गुरुवार को 80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह नवंबर 2014 के बाद से सर्वाधिक है। शुक्रवार को इसका भाव 79.54 डॉलर प्रति बैरल चल रहा है। कच्चे तेल के दाम में तेजी के कई कारण हैं। इसमें ओपेक के प्रमुख उत्पादक देश ईरान पर फिर से अमेरिकी पाबंदी और वेनेजुएला से आपूर्ति का घटना शामिल है।

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के इस बयान का भी बाजार पर असर पड़ा है कि ओपेक तथा उसके मित्र देशों के उत्पादन कम करने से वैश्विक बाजार में पहले से चल रही बाढ़ खत्म हो चुकी है। बयान के अनुसार प्रधान ने कीमतों में वृद्धि तथा उसके ग्राहकों एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंता जताई।

मंत्री ने तेल की कीमतों में स्थिरता और नरमी बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं दूसरी ओर अल-फलीह ने जोर देकर कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि में समर्थन सऊदी अरब के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है। सऊदी मंत्री ने प्रधान को ओपेक के सदस्य देशों तथा अन्य उत्पादक देशों के सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के बारे में जानकारी दी। इसमें रूस के ऊर्जा मंत्री एलेक्जेन्डर नोवाक तथा संयुक्त अरब अमीरात के पेट्रोलियम मंत्री सुहैल अल माजरोई शामिल हैं।