Live TV
  1. Home
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. PNB Fraud : जनवरी के पहले...

PNB Fraud : जनवरी के पहले हफ्ते में ही परिवार के साथ भारत छोड़ गया नीरव मोदी, PNB ने 29 जनवरी को CBI से की थी शिकायत

पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में इस समय सुर्खियों में चल रहा अरबपति आभूषण डिजाइनर नीरव मोदी बैंक की ओर से इस मामले में शिकाय​त मिलने से काफी दिन पहले गत एक जनवरी को ही देश से बाहर चला गया था।

Edited by: Manish Mishra 15 Feb 2018, 17:00:32 IST
Manish Mishra

नई दिल्ली पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में इस समय सुर्खियों में चल रहा अरबपति आभूषण डिजाइनर नीरव मोदी बैंक की ओर से इस मामले में शिकाय​त मिलने से काफी दिन पहले गत एक जनवरी को ही देश से बाहर चला गया था। यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि पीएनबी ने 280 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के बारे में 29 जनवरी को केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई को शिकायत की थी।

अधिकारियों का कहना है कि नीरव का भाई निशल बेल्जियम का नागरिक हैं। वह भी एक जनवरी को देश छोड़ कर चला गया। उसकी पत्नी और अमेरिकी ना​​गरिक एमी तथा गीतांजलि जूलरी स्टोर शृंखला चलाने वाली फर्म में भागीदारी मेहुल चोकसी 6 जनवरी को देश से बाहर चले गए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज करने के बाद एजेंसी ने इन चारों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था ताकि देश से बाहर जाने आने के रास्तों पर इनकी की जा सके। ऐसा माना जा रहा है कि नीरव मोदी स्विटजरलैंड में हैं।

वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दावोस (स्विट्जरलैंड) में नामी भारतीय कंपनियों के मुख्य कार्यपालकों (सीईओ) के समूह के साथ फोटो में शामिल है। वर्ल्ड इकोनामिक फोरम के सम्मेलन की इस फोटो को 23 जनवरी प्रेस सूचना ब्यूरो ने जारी किया था। इसके छह दिन बाद ही पंजाब नेशनल बैंक ने उनके खिलाफ पहली शिकायत जारी की।

अधिकारियों का कहना है कि नीरव मोदी तो भारतीय नागरिक हैं लेकिन उनके भाई निशल तथा पत्नी एमी भारतीय नागरिक नहीं हैं। नीरव मोदी 2013 से ही धन व चर्चित भारतीयों की सूची में लगातार आते रहे हैं।

सीबीआई ने नीरव, उनकी पत्नी, भाई व कारोबार भागीदारी चोकसी के खिलाफ 31 जनवरी को मामला दर्ज किया था। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक से कथित रूप से 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है। बैंक ने मंगलवार को सीबीआई को भेजी दो और शिकायतों में कहा कि यह घोटाला 11,400 करोड़ रुपये का है।