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PM मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ने नोएडा में किया Samsung की दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्‍टरी का उद्घाटन

सामने खुले खेत, बाईं तरफ निर्माणाधीन रिहायशी सोसाएटी और दाईं तरफ पहले से मौजूद फैक्‍टरी, यह वह जगह है जहां सैमसंग ने दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्‍टरी की स्‍थापना की है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे-इन ने संयुक्‍त रूप से इसका उद्घाटन किया।

Manish Mishra
Written by: Manish Mishra 09 Jul 2018, 18:45:10 IST

नोएडा। सामने खुले खेत, बाईं तरफ निर्माणाधीन रिहायशी सोसाएटी और दाईं तरफ पहले से मौजूद फैक्‍टरी, यह वह जगह है जहां सैमसंग ने दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्‍टरी की स्‍थापना की है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे-इन ने संयुक्‍त रूप से इसका उद्घाटन किया। इन दोनों के स्‍वागत के लिए उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ वहां पहले से मौजूद थे। सैमसंग के इस प्‍लांट के शुरू होने के बाद इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स की जब भी बात आएगी तो दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्‍ट्री होने का दर्जा नोएडा के पास होगा। इस मामले में चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका तक पीछे छूट गए हैं। नया 35 एकड़ का सैमसंग इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स का यह संयंत्र सेक्‍टर 81, नोएडा, उत्‍तर प्रदेश में स्थित है।

आपको बता दें कि नोएडा स्थित सैमसंग की नई फैक्‍टरी तक आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ने मेट्रो का सहारा लिया।

उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण

इस नई सुविधा के साथ, सैमसंग नोएडा में मोबाइल फोन निर्माण की अपनी वर्तमान क्षमता 6.8 करोड़ यूनिट सालाना को चरणबद्ध विस्‍तार से बढ़ाकर 12 करोड़ यूनिट करेगी, यह विस्‍तार 2020 तक पूरा होगा। मौजूदा इकाई के विस्‍तार से न केवल मोबाइल बल्कि रेफ्र‍ि‍जरेटर और फ्लैट पैनल टेलीविजन जैसे उपभोक्‍ता इलेक्‍ट्रोनिक्‍स की उत्‍पादन क्षमता को भी दोगुना करेगी, जिससे इस सेगमेंट में कंपनी की लीडरशिप और मजबूत होगी।

सैमसंग ने भारत में अपनी पहली इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण इकाई 1990 की शुरुआत में स्‍थापित की थी। इस संयंत्र की शुरुआत 1997 से टीवी विनिर्माण के साथ हुई थी। मौजूदा मोबाइल फोन विनिर्माण इकाई की स्‍थापना 2005 में की गई थी। 

काउंटरप्‍वाइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्‍टर तरुण पाठक के मुताबिक नई इकाई से सैमसंग को कम समय में अपने उत्‍पाद बाजार में पेश करने की सुविधा मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि स्‍थानीय स्‍तर पर विनिर्माण होने से सैमसंग को स्‍थानीय फीचर लाने में मदद मिलेगी और इसके अलावा कंपनी निर्यात अवसर भी हासिल कर सकती है।  

सैमसंग के भारत में दो विनिर्माण संयंत्र हैं, एक नोएडा और एक चेन्‍नई के नजदीक श्रीपेरंबदूर में, पांच रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और एक डिजाइन सेंटर, नोएडा है। कंपनी के भारत में कुल 70,000 कर्मचारी हैं और कंपनी के पास 1.5 लाख रिटेल आउटलेट्स का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

1995 में सैमसंग इंडिया की स्‍थापना हुई और इसने 1996 में नोएडा प्‍लांट की आधारशिला रखी। 1997 में उत्‍पादन शुरू हुआ और यहां से पहला टेलीविजन बाहर निकला। 2003 में यहां रेफ्र‍िजरेटर का उत्‍पादन शुरू किया गया। 2005 में सैमसंग पैनल टीवी में मार्केट लीडर बन गया और 2007 में मौजूदा नोएडा इकाई में मोबाइल फोन का निर्माण शुरू किया गया।

2012 में सैमसंग देश में मोबाइल फोन में लीडर बन गई और नोएडा इकाई में सबसे पहला गैलेक्‍सी एस3 डिवाइस बनाया गया। आज सैमसंग सभी मोबाइल सेगमेंट में मार्केट लीडर है। वर्तमान में कंपनी की ओवरऑल उत्‍पादन में भारत की हिस्‍सेदारी 10 प्रतिशत है, जिसे कंपनी अगले तीन सालों में बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहती है।