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Q3 Results: न्यू इंडिया एश्योरेंस को 617 करोड़ रुपए का लाभ, NPA बढ़ने से यूनियन बैंक को हुआ 1,250 करोड़ का नुकसान

सार्वजनिक क्षेत्र की न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 617 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ। हालांकि, कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 24 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

Edited by: Abhishek Shrivastava 04 Feb 2018, 11:23:50 IST
Abhishek Shrivastava

नई दिल्‍ली। सार्वजनिक क्षेत्र की न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 617 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ। हालांकि, कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 24 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। 

कंपनी ने जारी बयान में कहा कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसका सकल प्रीमियम पिछले वित्त वर्ष के 5,213 करोड़ रुपए से 23 प्रतिशत बढ़कर 6,385 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जी. श्रीनिवासन ने कहा कि संयुक्त अनुपात में सुधार के कारण परिणाम बेहतर रहे हैं। कंपनी द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के कारण बीमा दावा का अनुपात और परिचालन खर्च का अनुपात कम रहने से कंपनी यह परिणाम हासिल करने में सफल रही। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आधारभूत संरचना के लिए बजट में घोषित विभिन्न कदमों से भी काफी फायदा होगा।

एनपीए बढ़ने से हुआ यूनियन बैंक को नुकसान

सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 1,250 करोड़ रुपए का भारी भरकम नुकसान हुआ है। गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के एवज में बड़ी राशि का प्रावधान करने से बैंक को यह नुकसान हुआ है। 

इससे पिछले साल इसी तिमाही में बैंक को 104 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी बैंक को 1,531 करोड़ रुपए का भारी घाटा हुआ था। 
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी राजकिरण राय ने कहा कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसका समग्र एनपीए पिछले साल इसी अवधि के 11.70 प्रतिशत से बढ़कर 13.03 प्रतिशत पर तथा शुद्ध एनपीए 6.95 प्रतिशत से बढ़कर 6.96 प्रतिशत हो गया। यही वजह है कि बैंक को आलोच्य तिमाही के दौरान एनपीए के लिए पिछले साल के 1,582 करोड़ रुपए के मुकाबले 2,521 करोड़ रुपए का प्रावधान करना पड़ा। बैंक के मुनाफे में बड़ी गिरावट की मुख्य वजह यही रहा। 

इंडियन बैंक ने सावधि जमा पर ब्‍याज दरों को किया संशोधित

इंडियन बैंक ने विदेशी मुद्रा प्रवासी सावधि जमा पर ब्याज दरें तत्काल प्रभाव से संशोधित कर दी हैं। बैंक ने प्रवासी डॉलर जमा पर ब्याज को एक साल से अधिक लेकिन दो साल से कम अवधि के लिए मौजूदा 2.89 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.09 प्रतिशत कर दिया है। इसी प्रकार दो साल से अधिक लेकिन तीन साल से कम अवधि के लिए ब्याज 3.08 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.31 प्रतिशत किया गया है।

तीन साल से अधिक लेकिन चार साल से कम के लिए 3.22 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.49 प्रतिशत और चार साल से अधिक लेकिन पांच साल से कम के लिए मौजूदा 3.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.56 प्रतिशत किया गया है। पांच साल की जमा पर अब 3.29 प्रतिशत के स्थान पर 3.62 प्रतिशत ब्याज देय होगा।