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जल्‍द लॉन्‍च होंगे भारत में फ्लेक्‍स-इंजन वाले दो-पहिया वाहन, पेट्रोल और इथेनॉल का किया जा सकेगा इस्‍तेमाल

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि मोटरसाइकिल बनाने वाली दो प्रमुख कंपनियां जल्द ही भारतीय बाजार में बिजली और दो तरह के ईंधन से चलने वाली मोटरसाइकिलें उतारने की तैयारी में जुटी हैं।

Written by: Abhishek Shrivastava 28 Jan 2018, 18:39:57 IST
Abhishek Shrivastava

नई दिल्‍ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि मोटरसाइकिल बनाने वाली दो प्रमुख कंपनियां जल्द ही भारतीय बाजार में बिजली और दो तरह के ईंधन से चलने वाली मोटरसाइकिलें उतारने की तैयारी में जुटी हैं। फ्लेक्‍स इंजन वाली मोटरसाइकिलें वे मोटरसाइकिलें हैं, जिनमें एक साथ दो ईंधन का उपयोग किया जा सकता है।  

दो तरह के ईंधन से चलने वाले वाहनों के इंजन को पेट्रोल या इथेनॉल दोनों से चलाया जा सकता है। गडकरी देश में बिजली के वाहनों के साथ-साथ इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन से चलाए जाने में सक्षम वाहनों को प्रोत्साहन देने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए गडकरी ने इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ाने पर भी जोर दिया है ताकि इथेनॉल आधारित परिवहन को बढ़ावा दिया जा सके।

गडकरी ने कहा कि इस माह के अंत तक दुपहिया वाहन बनाने वाली दो कंपनियों ने बिजली की मोटरसाइकिल और दो तरह के ईंधन से चलने में सक्षम मोटरसाइकिल बाजार में उतारने का वादा किया है। दो तरह के ईंधन से चलने वाली मोटरसाइकिल 100 प्रतिशत पेट्रोल और 100 प्रतिशत इथेनॉल दोनों से चल सकेंगी। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों की मोटरसाइकिल जल्द ही बाजार में आने की उम्मीद है।

गडकरी ने कहा कि अभी हम कच्‍चे तेल के आयात पर 7 लाख करोड़ रुपए खर्च करते हैं यदि हम स्‍वदेशी इथेनॉल की मदद से इसमें 2 लाख करोड़ रुपए बचाने में भी सफल हुए तो यह कृषि अर्थव्‍यवस्‍था को बदलने वाला कदम होगा। उन्‍होंने कहा कि सरकार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है जो गेहूं, धान, बांस की पराली के अलावा अन्‍य चीजों से इथेनॉल उत्‍पादन को बढ़ावा देंगी।

गडकरी ने कहा कि एक टन धान की पराली से 280 लीटर इथेनॉल बन सकता है और इससे देश में एक नया उद्योग खड़ा होगा। यह एक प्रदूषण मुक्‍त और स्‍वच्‍छ ईंधन होगा। उन्‍होंने कहा कि जब अमेरिका, ब्राजील और कनाडा में मर्सिडीज, बीएमडब्‍ल्‍यू, फोर्ड या टोयोटा जैसी कंपनियां फ्लेक्‍स इंजन वाले वाहन चला सकती हैं तो भारत में ऐसा क्‍यों नहीं हो सकता।

गडकरी ने कहा कि एक लीडर इथेनॉल की कीमत पेट्रोल की तुलना में आधी होती है। उन्‍होंने कहा कि धीरे-धीरे यातायात को इलेक्ट्रिक, इथेनॉल, मेथेनॉल, बायो-डीजल, बायो सीएनजी और ऐसे ही वै‍कल्पिक ईंधन में परिवतर्तित करने की योजना है। उन्‍होंने कहा कि इलेक्‍ट्रिक बसों को बढ़ावा दिया जाएगा और उनमें सुपर कैपेसिटर टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल किया जाएगा, जिससे फुल चार्ज बस 36 किलोमीटर तक चल सकती है और केवल 3 मिनट में चार्ज हो जाएगी।