Live TV
  1. Home
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. 11 महीनों में 7.44 लाख करोड़...

11 महीनों में 7.44 लाख करोड़ रुपए रहा डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन, सरकार को मिला 20 प्रतिशत अधिक टैक्‍स

अर्थव्यवस्था में हाल में दिखे बढ़त के मद्देनजर देश का डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में 7.44 लाख करोड़ रुपए रहा है, जोकि वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि की तुलना में 19.5 फीसदी अधिक है।

Edited by: Abhishek Shrivastava 08 Mar 2018, 19:47:57 IST
Abhishek Shrivastava

नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था में हाल में दिखे बढ़त के मद्देनजर देश का डायरेक्‍ट टैक्‍स कलेक्‍शन चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में 7.44 लाख करोड़ रुपए रहा है, जोकि वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि की तुलना में 19.5 फीसदी अधिक है। वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

मंत्रालय ने बताया कि फरवरी तक वित्त वर्ष 2017-18 के लिए संशोधित अनुमान का 74.3 फीसदी टैक्‍स संग्रह हुआ है, जोकि 10.05 लाख करोड़ रुपए है। बयान में कहा गया है कि 2017 के अप्रैल से 2018 के फरवरी तक सकल संग्रहण (रिफंड लौटाने से पहले) में 14.5 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह 8.83 लाख करोड़ रुपए रही। जबकि रिफंड की रकम 1.39 लाख करोड़ रुपए है।

मंत्रालय ने कहा कि समीक्षाधीन अवधि में कॉरपोरेट कर संग्रहण की वृद्धि दर 19.7 फीसदी रही है, जबकि निजी आयकर की वृद्धि दर 18.6 फीसदी रही है। इस संबंध में, अगले वित्त वर्ष का बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के प्रभाव के साथ राजकोषीय घाटे में वृद्धि की घोषणा की थी।

सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्‍य जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 3.5 फीसदी निर्धारित किया था, जो कि 5.95 लाख करोड़ रुपए के बराबर है।