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Economic Survey 2017-18: आर्थिक सर्वे 2018 संसद में हुआ पेश, 6.75% ग्रोथ का अनुमान

आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान देश की GDP 6.75 प्रतिशत रहने का Economic Survey 2017-18: अनुमान लगाया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में 2018-19 के दौरान GDP ग्रोथ 7-7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है

Reported by: Manoj Kumar 30 Jan 2018, 8:28:17 IST
Manoj Kumar

नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू हुए संसद के बजट सत्र के पहले ही दिन आज आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 पेश किया जा चुका है। आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान देश की GDP 6.75 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में 2018-19 के दौरान GDP ग्रोथ 7-7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 के मुख्य अंश

  • 2017-18 में GDP ग्रोथ 6.75 प्रतिशत रहने का अनुमान
  • 2018-19 के दौरान GDP ग्रोथ 7-7.5 प्रतिशत अनुमानित
  • 2017-18 के दौरान चालू खाते का घाटा घटकर 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान
  • ​मोदी सरकार के कार्यकाल में चालू खाते का घाटा 4 साल में सबसे कम
  • 2017-18 के दौरान उपभोक्ता महंगाई दर 3.33 और थोक महंगाई दर 2.9 प्रतिशत अनुोमानित
  • ​थोक महंगाई दर 4 साल में सबसे ज्यादा रहने का अनुमान
  • 2017-18 के दौरान अप्रत्यक्ष टैक्स कलेक्शन में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी
  • ​2017-18 के दौरान दिसंबर तक निर्यात में 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी
  • ​महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडू और तेलंगाना की एक्सपोर्ट में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी
  • 2017-18 में ​दिसंबर तक विदेशी मुद्रा भंडार 409.4 अरब डॉलर, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
  • ​इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले घटी, 2017-18 में अप्रैल से नवंबर तक 3.2% ग्रोथ, पिछले साल 4.6 प्रतिशत ग्रोथ थी
  • खाद्यान्न उत्पादन 27.57 करोड़ टन हुआ, 2016-17 के दौरान 25.16 करोड़ टन उत्पादन
  • ​नोटबंदी और GST के बाद इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 18 लाख की बढ़ोतरी
  • ​वर्ल्‍ड बैंक के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत ने लगई 30 स्‍थानों की छलांग, पहली बार  टॉप 100 देशों में हुआ शामिल​​
  • 2017-18 में अप्रैल से सितंबर के दौरान सर्विस एक्सपोर्ट 16.7 प्रतिशत और सर्विस इंपोर्ट 17.4 प्रतिशत बढ़ा
  • ​2017-18 में सर्विस सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई
  • नोटबंदी की वजह से देश में वित्तीय बचत में बढ़ोतरी हुई