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एक बार फिर मस्जिदों को मिला धमकी भरा पत्र, मुस्लिमों को कहा...

डेस मोइनस: डेस मोइनस के इस्लामिक सेंटर के एक नेता प्राधिकारियों से मुलाकात कर सेंटर को मिले धमकी भरे मेल को लेकर बातचीत करेंगे। सेंटर के अध्यक्ष डॉ. समीर शम्स ने बताया कि उन्हें रविवार

India TV News Desk [Published on:21 Mar 2017, 12:32 PM IST]
एक बार फिर मस्जिदों को मिला धमकी भरा पत्र, मुस्लिमों को कहा...

डेस मोइनस: डेस मोइनस के इस्लामिक सेंटर के एक नेता प्राधिकारियों से मुलाकात कर सेंटर को मिले धमकी भरे मेल को लेकर बातचीत करेंगे। सेंटर के अध्यक्ष डॉ. समीर शम्स ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह एक हस्तलिखित पत्र मिला जिसमें मुस्लिमों को दुष्ट बताते हुये कहा गया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुस्लिमों के साथ वही करेंगे जो हिटलर ने यहूदियों के साथ किया था। शम्स ने कहा कि मुस्लिमों को ऐसे पत्रों को गंभीरता से लेना होगा और वह कल एफबीआई से मुलाकात करेंगे। अमेरिकी-इस्लामिक संबंधों की परिषद की आयोवा शाखा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके इन घृणा अपराधों की जांच की मांग की है। परिषद ने कहा कि ऐसा ही संदेश आयोवा में अन्य मस्जिदों और अन्य स्थानों पर भी भेजा गया है।

इससे पहले भी अमेरिका के कई शहरों की मस्जिदों को नफरत भरे पत्र मिले हैं। जिनमें मुसलमानों को धमकी दी गई है कि या तो वे देश छोड़ दें या फिर नरसंहार के लिए तैयार हो जाएं। ये पत्र कैलिफ़ोर्निया के अलावा, ओहियो, मिशिगन, रोहड आइलैंड, इंडियाना, कोलाराडो और जॉर्जिया में मस्जिदों को मिले हैं। कुछ समय पहले मस्जिदों को मिले पत्रों में मुसलमानों को 'शैतान की संतान' भी कहा गया था। हाथ से लिखे पत्र में मुसलमानों को “नीच और गंदे लोग” कहा गया, और साथ ही ये भी लिखा, कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुसलमानों के साथ वो करेंगे जो हिटलर ने यहूदियों के साथ किया था।

मस्जिदों को यह पत्र मिलने के बाद FBI ने कहा था कि फिलहाल चूंकि ये धमकी विशेष नहीं है इसलिए जांच की ज़रुरत नहीं है लेकिन उसने लोगों से इस तरह के पत्र मिलने के बारे में जानकारी देने की अपील की। ट्रंप के प्रवक्ताओं ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन ट्रंप ने कहा कि, अगर उनके समर्थक दूसरों को परेशान कर रहे हैं तो उन्हें ये बंद करना चाहिये।