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पनामा कांड बना नवाज़ शरीफ़ के लिए सिरदर्द

India TV News Desk [ Updated 15 Oct 2016, 10:06:00 ]
पनामा कांड बना नवाज़ शरीफ़ के लिए सिरदर्द - India TV

इस्लामाबाद: पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट 20 अक्टूबर को पनामा कांड से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिसमें प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को अयोग्य घोषित करने की अपील की गई है। ये याचिकाएं पूर्व कप्तान इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़, जमात-ए-इस्लामी, एकवोकेट तारिक़ असद, बैरिस्टर ज़फ़रुल्लाह ख़ान की वतन पार्टी, ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने दायर की है।

इस सिलसिले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ ने 30 अक्टूबर को इस्लामाबाद को घेरने की घोषणा की है लेकिन अब ये प्रदर्शन एक-दो दिन पहले हो सकता है।

चीफ जस्टिस अनवर ज़हीर जमाली, जस्टिस ऐजाज़ उल एहसन और जस्टिस खिलजी आरिफ़ हुसैन की बैंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। 

पहले कोरट के रजिस्ट्रार ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ और जमात-ए-इस्लामी की याचिकाएं यह कहकर ख़ारिज कर दी थी कि ये विचार योग्य नही हैं लेकिन चीफ़ जस्टिस ने 27 सितंबर को रजिस्ट्रार की आपत्तियों को ख़ारिज कर याचिकाएं सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली थी।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ ने अपनी चायिका में पनामा कांड में कथित रुप से शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़, उनके दामाद सेवानिवृत कैप्टन मोहम्मद सफ़दर और वित्त मंत्री इशाक़ डार को अयोग्य घोछित करने की अपील की है।

विदेशी कंपनियों में मालिकाना हक को लेकर ‘पनामा पेपर्स’ में उनके तीन बच्चों के नाम सामने आए थे। इस खुलासे के बाद विपक्ष ने जांच की मांग की थी।
शरीफ ने उनके परिवार द्वारा नियंत्रित कारोबार की विस्तृत पृष्ठभूमि बताई और कहा कि पाकिस्तान की स्थापना से भी कई वर्ष पहले यह कारोबार स्थापित हो चुका था।

शरीफ का कहना है कि कहा कि अतीत में उनके कारोबार को बर्बाद करने के कई प्रयासों के बावजूद उन्होंने और उनके परिवार ने करीब छह अरब रुपये की बकाया राशि का भुगतान किया। शरीफ ने कहा, 'मेरे परिवार ने कई आरोप झेले हैं। मेरा परिवार बहुत समय तक ऐसा कोई खास राजनीति में शामिल नहीं था, मेरे राजनीति में आने से पहले हमारा स्थापित औद्योगिक परिवार था।'

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