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अफगानिस्तान के साथ सीमा पर गश्त में शामिल होने के लिए तैयार है पाक

पाकिस्तान ने आतंकवादियों से निपटने के लिए अफगानिस्तान के साथ संयुक्त गश्ती दल बनाना चाहता है।

Edited by: India TV News Desk [Published on:13 Sep 2017, 1:51 PM IST]
अफगानिस्तान के साथ सीमा पर गश्त में शामिल होने के लिए तैयार है पाक

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा है कि उनका देश सीमा पर आतंकवादियों से निपटने के लिए अफगानिस्तान के साथ संयुक्त गश्ती दल बनाना चाहता है। अब्बासी का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह देने के लिए पाकिस्तान की आलोचना के कुछ वक्त बाद आया है। अब्बासी ने कहा कि पाकिस्तान अफगान मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। अब्बासी ने कहा, हम अफगानिस्तान से सटी सीमा पर संयुक्त गश्त के लिये तैयार हैं। (प्रतिबंध लगाने से भड़का उत्तर कोरिया, कर सकता है ये बड़ा काम)

अब्बासी ने अफगानिस्तान के साथ 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगाने का भी उल्लेख किया, जिसका काम पहले ही शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, हम वहांअपनी सीमा पर बाड़ लगा देंगे।अफगानों का उनकी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए स्वागत है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सीमा पार करके आने वालों की द्विपक्षीय जांच के लिये पाकिस्तान एक संयुक्त गश्ती दल गठित करने के लिए तैयार है। उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में अस्थिरता के कारण पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा है और उसका मानना है कि अफगानिस्तान के संघर्ष का समाधान अफगानिस्तान के नेतृत्व एवं उसके स्वामित्व वाला होना चाहिए।

उन्होंने पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाह होने संबंधी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि इस्लामाबाद आतंकवाद को समाप्त करने के लिए लड़ रहा था। उन्होंने दावा किया कि आतंकवादी वास्तव में अफगानिस्तान में हैं और पाकिस्तान में हमले करते हैं। अब्बासी ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ काम करने के लिए तैयार है और दोनों पक्षों को इस मुद्दे पर किसी भी चिंता को बातचीत के जरिए हल करना चाहिये।

उन्होंने कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान के संबंध 70 साल से ज्यादा पुराने हैं और इसे अफगानिस्तान के माध्यम से परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए। अब्बासी ने एक सवाल जवाब में कहा, कि पाकिस्तान को अमेरिका से कोई विशेष अनुरोध नहीं मिला है और यदि उनके साथ कोई सूचना साझाा की जाती है, तो उस पर कार्वाई की जाएगी। उन्होंने कहा, हम अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हैं और उनसे भी ऐसी ही उम्मीद करते हैं।

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