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भारतीय मां ने पाक राष्ट्रपति से बेटे की सजा कम करने की लगाई गुहार, इसलिए मिली है सजा

अपनी महिला मित्र से मिलने के लिए अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान आए भारतीय इंजीनियर की मां ने राष्ट्रपति ममनून हुसैन से उनके बेटे के सजा की शेष अवधि को माफ करने का आग्रह किया है...

Reported by: Bhasha [Published on:04 Dec 2017, 9:24 PM IST]
Mamnoon Hussain | AP Photo- Khabar IndiaTV
Mamnoon Hussain | AP Photo

लाहौर: अपनी महिला मित्र से मिलने के लिए अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान आए भारतीय इंजीनियर की मां ने राष्ट्रपति ममनून हुसैन से उनके बेटे के सजा की शेष अवधि को माफ करने का आग्रह किया है। हुसैन को लिखे पत्र में हामिद अंसारी की मां ने कहा है, ‘मोहतरम सदर, आपकी हुकूमत ने हामिद अंसारी के मुकाबले ज्यादा संगीन जुर्म करने वाले विदेशी नागरिकों पर भी रहम किया है। अगर हामिद की कैद की बकाया मुद्दत माफ कर सकते तो मानवीय आह्वान सुनने से देश की साख बढ़ती और हिन्दुस्तानी जेलों में कैद पाकिस्तानी अवाम के लिए राहत की उम्मीद और मजबूत होती।’

उन्होंने कहा कि दोषी ठहराए जाने के पूर्व की 3 वर्ष की हिरासत को अगर सजा में जोड़ दिया जाए तो मानवीय आधार पर उसको रिहा किया जा सकता है और फोन पर उसके परिवार से उसकी बात कराई जा सकती है। भारतीय नागरिक पर एक सैन्य अदालत पर मुकदमा चलाया गया, जिसने उसे 3 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सजा की मियाद 15 दिसंबर, 2015 को शुरू हुई और अगले साल 14 दिसंबर को खत्म होगी। पेशावर केंद्रीय कारा में पिछले साल साथी कैदियों के हमले में अंसारी जख्मी हो गया था। अंसारी मुंबई का रहने वाला है।

पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के मुताबिक भारत के एक प्रबंधन संस्थान में सहायक प्रोफेसर रहे अंसारी और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट की रहने वाली एक लड़की में फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई। जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता आई. ए. रहमान के मुताबिक, ‘अपनी दोस्त को संकट में देखकर उसने उसके बचाव का फैसला किया। उसे पाकिस्तान का वीजा नहीं मिल सका लेकिन वह अफगानिस्तान गया और वहां से बिना वैध दस्तावेजों के पाकिस्तान में प्रवेश किया। उसे 14 नवंबर, 2012 को कोहाट के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया।’

उन्होंने कहा, ‘इस प्रकार वह पिछले 5 वर्ष से पाकिस्तानी अधिकारियों की हिरासत में है। उस पर अवैध तरीके से पाकिस्तान में घुसने का नहीं बल्कि जासूसी के आरोप लगाये गए और उसे एक सैन्य अदालत ने 3 साल की जेल की सजा सुनाई।’ उन्होंने अंसारी की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा, ‘इस बात में कोई संदेह नहीं है कि हामिद अंसारी ने गलती की लेकिन उसके इरादों, प्रेम और संकट में पड़ी महिला की मदद करने की इच्छा उसकी सजा को कम करने के लिए मजबूत परिस्थितियां हैं। वह अपनी भूल की बहुत अधिक सजा भुगत चुका है।’

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