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चीन ने सबसे लंबे मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान का किया प्रक्षेपण

PTI [ Updated 17 Oct 2016, 11:36:19 ]
चीन ने सबसे लंबे मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान का किया प्रक्षेपण - India TV

बीजिंग: चीन ने अपने अब तक के सबसे लंबे मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान के तहत दो अंतरिक्ष यात्रियों को साथ ले जा रहे एक अंतरिक्ष यान का आज सफल प्रक्षेपण किया जो बाद में पृथ्वी की परिक्रमा कर रही चीन की प्रायोगिक अंतरिक्ष प्रयोगशाला में मिलेगा। इस प्रक्षेपण के साथ ही चीन वर्ष 2022 तक अपना स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने के लक्ष्य के एक कदम करीब पहुंच गया। शेनझोउ-11 अंतरिक्ष यान में सवार चीन के अंतरिक्ष यात्रियों जिंग हाइपेंग (50) और चेन दोंग (37) ने चीन में गोबी रेगिस्तान के पास जियुक्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से स्थानीय समयानुसार साढ़े सात बजे (भारतीय समयानुसार सुबह पांच बजे) अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। 

प्रक्षेपण के बाद लॉन्ग मार्च-2 एफ वाहक रॉकेट शेनझोउ 11 को कक्षा में लेकर गया। सरकारी चाइना सेंट्रल टेलीविजन :सीसीटीवी: ने इस प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण किया। चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय की उपनिदेशक वु पिंग ने बताया कि यह यान दो दिन में पृथ्वी की परिक्रमा कर रही तियानगोंग-2 अंतरिक्ष प्रयोगशाला से मिल जायेगा और दोनों अंतरिक्षयात्री 30 दिन तक प्रयोगशाला में रहेंगे। 

यह जिंग की तीसरी अंतरिक्ष उड़ान है जबकि चेन पहली बार अंतरिक्ष अभियान पर गए हैं। इससे पहले चीनी अंतरिक्षयात्री कभी इतने लंबे समय तक अंतरिक्ष में नहीं रुके। इस अभियान के दौरान दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्षयान संबंधी तकनीकों का परीक्षण करेंगे और वैग्यानिक एवं इंजीनियरिंग प्रयोग करेंगे। सरकारी संवाद समिति शिंहुआ ने बताया कि प्रक्षेपण के करीब 19 मिनट बाद चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के कमांडर इन चीफ झांग यूशिया ने इस अभियान को सफल करार दिया। 

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इस समय गोवा में मौजूद चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अभियान में शामिल सभी लोगों को इस सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दी और कहा कि यह चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक मील का पत्थर है। सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के अध्यक्ष एवं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की सेंट्रल कमेटी के महासचिव शी ने कहा कि परिक्रमा कर रही अंतरिक्ष प्रयोगशाला तियानगोंग-2 और शेनझोउ 11 मानवयुक्त अंतरिक्षयान पहला ऐसा अभियान है जिसके तहत चीनी अंतरिक्षयात्री मध्यम अवधि के लिए कक्ष में रकेंगे। 

शी ने अपने संदेश में अभियान के स्टाफ को मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए लगातार नवोन्मेष करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि चीन के लोग चीन को एक अंतरिक्ष शक्ति बनाने में योगदान करते हुए बड़े कदम उठाएं और अंतरिक्ष परीक्षण में आगे बढ़ सके। प्रधानमंत्री ली क्विंग और उनके साथ लियु युनशान ने बीजिंग में चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के कमान केंद्र में प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री ली और लियु सीपीसी सेंट्रल कमेटी के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य हैं। 

चीन ने वर्ष 2022 तक अपना मानवयुक्त अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने के प्रयासों के तहत पिछले महीने अंतरिक्ष प्रयोगशाला को प्रक्षेपित किया गया था। इसके साथ ही चीन एक मात्र ऐसा देश बन जाएगा जिसके पास सेवा में ऐसी सुविधा होगी क्योंकि मौजूदा समय में सेवा मुहैया करा रहा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) वर्ष 2024 तक सेवानिवृत्त हो जाएगा। चीन अमेरिका तथा यूरोप की बराबरी करने की मुहिम के तहत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए भारी राशि खर्च कर रहा है। चीन की भारत एवं अन्य की बराबरी करने के मकसद से वर्ष 2020 तक अपना पहला मंगल अभियान शुरू करने की योजना है। 

अंतरिक्ष से रवाना होने से कुछ घंटों पहले दोनों अंतरिक्ष यात्री प्रसन्नचित्त दिखे और उन्होंने कई प्रश्नों के उत्तर दिए। इस मिशन के कमांडर जिंग ने कल संवाददाताओं से कहा, हालांकि यह काम मुश्किल, जोखिम भरा और खतरनाक है लेकिन मैं यही करना चाहता हूं। जिंग की अंतरिक्ष में यह तीसरी उड़ान है। इससे पहले उन्होंने सितंबर 2008 में शेनझोउ-7 और मार्च 2012 में शेनझोउ-9 अभियान में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, :इस अभियान के लिए: हमने आपात स्थितियों से निपटने, प्राथमिक चिकित्सा और अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं के संबंध में अपनी क्षमताओं में सुधार किया है। 

अपने पहले अंतरिक्ष अभियान के बारे में चेन ने कहा, मैं अंतरिक्ष में बिताए जाने वाले हर पल को यादों में संजो कर रखूंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि मैं अपना अनुभव डायरी में लिख सकूं और इस दुनिया के बाहर के दृश्य का आनंद ले सकूं। 

चीन ने अपना पहला मानवयुक्त अभियान 2003 में शुरू किया था। चीन ने कहा है कि उसका अंतरिक्ष कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है लेकिन उसने अपने असैन्य मकसदों के अलावा उपग्रह रोधी मिसाइल का भी परीक्षण किया है। वु के अनुसार शेनझोउ-11 अंतरिक्षयान दोनों अंतरिक्षयात्रियों को तियानगोंग-2 अंतरिक्ष प्रयोगशाला में उतारने और इससे खुद को अलग करने के बाद एक दिन के अंदर पृथ्वी पर वापस आ जाएगा। 

उन्होंने बताया कि मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान के अन्य लक्ष्यों में एयरोस्पेस चिकित्सकीय प्रयोग, अंतरिक्ष विग्यान प्रयोग एवं मानवीय भागीदारी के साथ कक्षा में रखरखाव का काम करना और अन्य गतिविधियां शामिल हैं। दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यात्रा के दौरान पहली बार अल्ट्रासाउंड परीक्षण करेंगे। वे इस दौरान अंतरिक्ष में पौधारोपण करेंगे और सेकेंडरी स्कूल के छात्रों के लिए हांगकांग में आयोजित एक प्रयोग डिजाइन प्रतियोगिता के तीन विजेताओं के प्रयोगों का परीक्षण करेंगे। वु ने कहा कि शेनझोउ 11 में कई तकनीकी बदलाव किए गए हैं लेकिन इसके मुख्य कार्य एवं तकनीकी मापदंड मूल रूप से शेनझोउ-10 की तरह ही हैं। 

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