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मां बेचती है मछली, पिता हैं किसान, बेटा बना अंडर-17 विश्व कप टीम का कप्तान

अमरजीत सिंह कियाम फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिये भारतीय टीम के कप्तान चुने जाने से हैरान हैं। टीम के कोच लुई डि मातोस ने खिलाड़ियों से अंतरिम वोटिंग कराई जिसमें वह कप्तान के लिये सबसे ज्यादा खिलाड़ियों की पसंद बने।

Reported by: Bhasha [Updated:29 Sep 2017, 8:15 PM IST]
मां बेचती है मछली, पिता हैं किसान, बेटा बना अंडर-17 विश्व कप टीम का कप्तान

नई दिल्ली: अमरजीत सिंह कियाम फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिये भारतीय टीम के कप्तान चुने जाने से हैरान हैं। टीम के कोच लुई डि मातोस ने खिलाड़ियों से अंतरिम वोटिंग कराई जिसमें वह कप्तान के लिये सबसे ज्यादा खिलाड़ियों की पसंद बने।

अमरजीत ने कहा, जब कोच ने मुझे कहा कि मैं टीम का कप्तान चुना गया हूं तो मैं हैरान हो गया था लेकिन हम एक टीम की तरह खेलते है, एक टीम की तरह जीतते है, टीम की तरह हारते है। व्यक्तिगत प्रदर्शन ज्यादा मायने नहीं रखता, इस टीम की मजबूती इसकी एकता है।

मणिपुर के थाउबाल जिले की हाओखा ममांग गांव के अमरजीत के लिये यहां तक का सफर काफी मुश्किल भरा रहा है। उनके पिता किसान है और उनकी फुटबाल की जरुरतों को पूरा करने के लिये मां मछली बेचती है। अमरजीत ने कहा, मेरे पिता किसान है और खाली समय में बढ़ई का काम करते है, मेरी मां गांव से 25 किलोमीटर दूर जा कर मछली बेचती है ताकि मेरा फुटबाल खेलने के सपना पूरा हो सकें।

कप्तानी को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा, टीम में जब जरूरत होती है, मैं तभी बोलता हूं। अगर जरूरी नहीं हुआ तो मैं नहीं बोलता हूं। मैं चाहता हूं कि सभी को अपने तरीके से कप्तान रहे और अपनी भूमिका में हावी रहे।

अमरजीत से जब ग्रुप ए की दूसरी मजबूत टीमें अमेरिका, कोलंबिया और पूर्व चैम्पियन घाना से मुकाबले के बारे में पूछा गया तो अमरजीत ने कहा, मेजबान देश के तौर पर भारत इस विश्व कप में दमदार प्रदर्शन करेगा। विश्व कप में भाग लेने वाली हर टीम की अपनी चुनौती है। हम अपने विरोधी टीम का सम्मान करते है, वे कड़े प्रतिद्वंदी होंगे। लेकिन हम जीतने के लिये खेलेंगे और मैच के आखिरी पलों तक हम लड़ेंगे।

फुटबाल के प्रति जुनूनी राज्य में जन्म लेने वाले इस खिलाड़ी ने बचपन से ही देश के लिये खेलने का सपना देखा है जो इस विश्वकप के साथ पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा, मैं सोचता था कि एक दिन देश का प्रतिनिधित्व करूंगा और अब मैं अंडर-17 विश्व कप में खेलने वाला हूं। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा क्योंकि यह सपने की तरह है।

अमरजीत ने स्कूल के दिनों में फुटबाल खेलना शुरु किया था और 2010 में वह चंडीगढ़ स्थित फुटबाल अकादमी में गये जहां खेलने के अलावा उन्हें मुफ्त में रहने और पढ़ने की सुविधा भी मिली।

विश्व कप 6 से 28 अक्तूबर तक खेला जायेगा जिसमें भारत के अभियान की शुरुआत पहले दिन ही होगी। ग्रुप चरण के तीनों मैच भारतीय टीम दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में खेलेगी।

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