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Women World Cup: भारत का अगला मुक़ाबला छह बार की चैंपियन आस्ट्रेलिया से

महिला विश्व कप में बुधवार को भारत का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा जो छह बार विश्व चैम्पियन रह चुकी है। यूं तो भारत और विश्व चैंपियन अपने पिछले मुकाबले हारी है लेकिन इस मैच में मुक़ाबला रोमांच होने की पूरी संभावना...

Edited by: India TV Sports Desk [Published on:11 Jul 2017, 2:48 PM IST]
Women World Cup: भारत का अगला मुक़ाबला छह बार की चैंपियन आस्ट्रेलिया से

ब्रिस्टल: महिला विश्व कप में बुधवार को भारत का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा जो छह बार विश्व चैम्पियन रह चुकी है। यूं तो भारत और विश्व चैंपियन अपने पिछले मुकाबले हारी है लेकिन इस मैच में मुक़ाबला रोमांच होने की पूरी संभावना है। 

ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत की ताकत से वाकिफ है, जिसने उसे उसी के घर में 2009 के विश्व कप में दो बार हराया था। वैसे ऑस्ट्रेलियाई टीम भी भारत को विश्व कप में कुल आठ बार हरा चुकी है। 2009 का विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में ही हुआ था। इसमें भाग लेने वाली भारतीय टीम में मिताली राज, झूलन गोस्वामी, पूनम राउत और हरमनप्रीत कौर थीं। ऑस्ट्रेलिया एक ऐसी टीम है जिसके खिलाफ पहली गेंद से हमला बोलना ज़रुरी है क्योंकि वो वापसी का मौक़ा नहीं देती। तब टीम की सलामी बल्लेबाज और विकेटकीपर अनाग देशपांडे ने शानदार कट और पुल से ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण को ढेर कर दिया था। अंजुम चोपड़ा शानदार 76 रन बनाकर मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनी थीं। 

बुधवार के इस मैच में स्मृति मंधाना और मिताली राज के आक्रामक खेल की जरूरत है। वहीं कप्तान मिताली पर खास तौर पर सबकी नजरें रहेंगी। वह अगर 34 रन बना लेती हैं तो वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी। पिछली पारी में वह अपने करियर में पहली बार बिना खाता खोले आउट हो गई थीं। 

इस समय झूलन के नाम विश्व क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट का रिकॉर्ड दर्ज है। वनडे क्रिकेट इतिहास में भी यह पहली घटना होगी, जब सबसे अधिक रन बनाने वाली और सबसे अधिक विकेट लेने वाली खिलाड़ी एक ही टीम से होंगी।

भारत पांच में से तीन मुकाबलों में टॉस जीतनें में सफल रहा है। अब दुनिया की नम्बर एक टीम के खिलाफ अगर किस्मत ने उसका साथ दिया तो वह टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना चाहेगा। भारत के पिछले साल के ऑस्ट्रेलियाई दौरे में स्मृति मंधाना और मिताली ने दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी करते हुए 150 रन जोड़े थे। हरमनप्रीत को बतौर टीम की अनुभवी हरनफनमौला खिलाड़ी के तौर पर अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी। 

भारतीय बल्लेबाजी में गहराई है और नम्बर नौ तक उसके पास बल्लेबाजी करने वाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें स्ट्राइक को रोटेट करते रहना होगा। यह काम इतना आसान नहीं है, क्योंकि ब्रिस्टल में पहली बार खेलते हुए उसका पाला एक खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण से पड़ रहा है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस विश्व कप के अब तक खेले 25 मैचों में पहले बल्लेबाजी करके 250 का स्कोर बनाने वाली टीम ही विजयी रही है। केवल श्रीलंका-ऑस्ट्रेलिया मैच इसका अपवाद रहा है। 

रविवार को ऑस्ट्रेलियाई को इंग्लैंड के खिलाफ बेहद रोमांचक मैच में तीन रन से हार का सामना करना पड़ा था। यह ऑस्ट्रेलिया के लिए किसी सदमे से कम नहीं है, क्योंकि उसे इंग्लैंड के हाथों विश्व कप में 24 साल के बाद पराजय झेलनी पड़ी।

कप्तान मैग लैनिंग ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की अगुवाई करेंगी। यह अनुभवी खिलाड़ी विश्व कप में खेले 21 मुकाबलों में 72 रन प्रति पारी की औसत से 1,232 रन बना चुकी हैं। जाहिर है कि बुधवार को गेंदबाजी पर सबकी निगाहें रहेंगी। 2009 के विश्व कप में लेग स्पिनर रीमा मल्होत्रा और बाएं हाथ की स्पिनर गौहर सुल्ताना ने भारत की ऑस्ट्रेलिया पर 16 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। एकता बिष्टऔर दीप्ति शर्मा को लगातार अपनी गेंदबाजी में पैनापन लाना होगा। वहीं विकेट के पीछे सुषमा वर्मा की भूमिका भी अहम होगी। 

इस समय भारतीय टीम पूल में तीसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया के बाद उसे अपने अंतिम राउंड रॉबिन लीग मैच में न्यूजीलैंड से खेलना है। उम्मीद की जानी चाहिए कि भारत अच्छे औसत के साथ अच्छी जीत दर्ज कर सके। 

इस समय मिताली और झूलन अपने करियर के अंतिम चरण में है। टीम विश्व कप की शानदार जीत के बाद इन दोनों लीजेंड्स की विदाई को यादगार बनाना चाहेगी। ऑस्ट्रेलिया के साथ यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को अगले दशक तक प्रभावित कर सकता है। 

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