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जानें, क्यों धोनी को दे दी थी आशीष नेहरा ने ग़ुस्से में गाली

नेहरा यूं तो ठंडे दिमाग़ के खिलाड़ी माने जाते हैं लेकिन एक समय वो इतना आग बबूला हो गए कि उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी को गाली ही दे डाली.

Written by: India TV Sports Desk [Updated:13 Oct 2017, 5:10 PM IST]
जानें, क्यों धोनी को दे दी थी आशीष नेहरा ने ग़ुस्से में गाली

आशीष नेहरा इस समय टीम इंडिया के सबसे बुज़ुर्ग खिलाड़ी हैं हालंकि 38 साल के आशीष नेहरा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है. वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 1 नवंबर को दिल्ली के फ़ीरोज़शाह स्टेडियम में होने वाले होने वाले टी-20 मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे. नेहरा यूं तो ठंडे दिमाग़ के खिलाड़ी माने जाते हैं लेकिन एक समय वो इतना आग बबूला हो गए कि उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी को गाली ही दे डाली.

1999 में करियर का पहला मैच खेलने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नेहरा 17 टेस्ट, 120 वनडे और 26 टी-20 मैच खेल चुके हैं. जोशीले नेहरा के 18 साल के करियर के दौरान  ऐसा भी एक वाकया आया, जब वे अपने खेल की वजह से नहीं, बल्कि गुस्से की वजह से सुर्खियों में आए.

दरअसल, यह वाकया 2005 का है. तब महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान नहीं होते थे. पाकिस्तान की टीम भारत में 6 वनडे मैचों की सीरीज खेल रही थी. उस सीरीज का चौथा वनडे 12 अप्रैल को अहमदाबाद में खेला जा रहा था. भारत ने पहले खेलते हुए 315/6 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था जिसमें सचिन तेंदुलकर के 123 रनों का बेहतरीन योगदान था. पाकिस्तान की ओर से सलमान बट और शाहिद आफरीदी उस विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरे. लेकिन पारी के चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर धोनी ने अफरीदी का कैच छोड़ दिया और बॉलर थे नेहरा.

उस वक्त पाकिस्तान का स्कोर 22/0 था, अफरीदी 10 रन पर थे. कैच छूटने पर नेहरा को काफी गुस्सा आया और उन्होंने धोनी को गाली देकर कैच छोड़ने के लिए फटकार लगाई. तब नेहरा को यह उम्मीद नहीं रही होगी कि वह जिसे गाली दे रहे हैं, भारतीय टीम के अगले 'कैप्टन कूल' होंगे. लेकिन धोनी तब भी कूल रहे. वह नेहरा का कोई जवाब न देकर खामोश रहे. तब एक तरफ जहां धोनी की कूल छवि की झलक देखने को मिली वहीं नेहरा का वह 'रौद्र रूप' वीडियो में कैद हो गया जो आज भी सोशल मीडिया पर वायरल है.

अफरीदी ने उस मुकाबले में 23 गेदों में ताबड़तोड़ 40 रन बना डाले थे. आखिरकार लक्ष्मीपति बालाजी उन्हें सचिन के हाथों लपकवाने में कामयाब रहे थे. जबकि नेहरा को उस मैच में एक भी सफलता नहीं मिली. उन्होंने 9 ओवर में 75 रन दे डाले. भारत ने वह मुकाबला तीन विकेट से गंवा दिया. और पाकिस्तान ने सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल कर ली थी.

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