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वरुथिनी एकादशी: बना रहा है महापुण्य कमाने वाला शुभ संयोग, ऐसे करें पूजा

राण के अनुसार इस एकादशी के बारें में श्री कृष्ण ने कहा है कि इस व्रत को करने से लोक और परलोक में सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी प्रकार के पापों का नाश होता है। जानिए पूजा-विधि और कथा...

India TV Lifestyle Desk [Updated:21 Apr 2017, 1:48 PM IST]
वरुथिनी एकादशी: बना रहा है महापुण्य कमाने वाला शुभ संयोग, ऐसे करें पूजा - India TV

धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व है। शास्त्रों के के अनुसार माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से कई गुना अधिक फल मिलता है। इसी तरह इस माह वरुथिनी एकादशी है जिसके बारे में माना जाता है कि सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार वरुथिनी एकादशी 22 अप्रैल, शनिवार को है।

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पद्मपुराण के अनुसार इस एकादशी के बारें में श्री कृष्ण ने कहा है कि इस व्रत को करने से लोक और परलोक में सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी प्रकार के पापों का नाश होता है। साथ ही माना जाता है कि इस व्रत को करने से आपको 10 हजार सालों की तपस्या के बराबर फल मिलता है।

हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार जो इंसान विधि-विधान से एकादशी का व्रत और रात्रि जागरण करता है उसे वर्षों तक तपस्या करने का पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए इस व्रत को जरुर करना चाहिए। इस व्रत से कई पीढियों द्वारा किए गए पाप भी दूर हो जाते है।

इस एकादशी के दिन जो व्यक्ति व्रत रखता है। वह इस दिन प्रात: स्नान करके भगवान को स्मरण करते हुए विधि के साथ पूजा करें और उनकी आरती करनी चाहिए साथ ही उन्हें भोग लगाना चाहिए। इस दिन भगवान नारायण की पूजा का विशेष महत्व होता है। साथ ही ब्राह्मणों तथा गरीबों को भोजन या फिर दान देना चाहिए। यह व्रत बहुत ही फलदायी होता है। इस व्रत को करने से समस्त कामों में आपको सफलता मिलती है। जानिए इसकी पूजा-विधि, और कथा के बारे में।

अगली स्लाइड में पढ़े पूजा-विधि के बारें में

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