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सावधान! कहीं आप ज्यादा मीठी चीजें तो नहीं खाते

एक शोध में ये सामने आई कि भोजन की मात्रा में वृद्धि और चीनी वाले पेय पदार्थ लेने से कुछ लोगों में दिल के दौरे या मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन एक तिहाई खतरा बढ़ सकता है। हालांकि सुक्रोज प्राकृतिक रूप से फलों, सब्जियों में पाया...

India TV Lifestyle Desk [Updated:16 Nov 2016, 3:33 PM]
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हेल्थ डेस्क:  आज के समय में हर कोई अपनी डाइट को बहुत अधिक ध्यान देता है। कोई भी चीज हो उसे खाने से पहले 4 बार सोचेगे। इसके बाद ही  उस चीज को खाएंगे या नहीं खाएंगे।  सभी चीजों के बारें में तो आप सोचते है, लेकिन अगर सामने कुछ मीठा आ जाएं तो बिना सोचे ही छट से खा जाते है। कई लोगों की आदत होती है कि उन्हें मीठा इतना पंसद होता है कि उनका दिन बिना खाए जा ही नहीं सकता है। अगर आपकी भी ऐसा आदत है तो संभल जाइए नहीं तो आपके दिल के लिए भारी पड़ सकता है।

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एक शोध में ये सामने आई कि भोजन की मात्रा में वृद्धि और चीनी वाले पेय पदार्थ लेने से कुछ लोगों में दिल के दौरे या मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन एक तिहाई खतरा बढ़ सकता है। हालांकि सुक्रोज प्राकृतिक रूप से फलों, सब्जियों में पाया जाता है। इनका इस्तेमाल हम करते हैं।

इस अध्ययन में कहा गया कि मीठे पेय पदार्थों, केक और मिठाइयों के अलावा सुक्रोज दूसरे कई खाद्य पदार्थो में डाला जाता है। इसमें दुग्ध उत्पाद, ब्रेड और जेम आदि शामिल हैं।

स्वीडन के लुंड विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर एलिली सोनेस्टेड ने कहा, "लोगों के बड़े समूह में मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन या दिल की दूसरी गंभीर बीमारियों में चीनी वाले पेय पदार्थो से हालांकि कोई समस्या नहीं देखी गई। लेकिन प्रतिभागियों में करीब 5 प्रतिशत के बीच जो कम से कम 15 प्रतिशत रोजाना ऊर्जा सुक्रोज से लेते हैं, उनमें मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन का खतरा करीब एक तिहाई बढ़ जाता है।

इसके परिणाम पारंपरिक तौर पर दिल की बीमारियों से जुड़े कारकों जीवनशैली, धूम्रपान, शराब और व्यायाम आदतों से तय होते हैं। शोधकर्ता दल ने 26000 प्रतिभागियों का विश्लेषण किया, जिनमें मधुमेह या दिल संबंधी बीमारियां नहीं थीं। यह शोध पत्रिका 'ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन' में प्रकाशित हुआ है।

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