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'60 दिन में 600 चेतावनी' वाली योगी सरकार किसान कर्ज पर श्वेत पत्र लाए: कांग्रेस

प्रदेश की योगी सरकार को 60 दिन में 600 चेतावनी और प्रचार एवं लीपापोती वाली सरकार बताते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आज कहा कि केंद्र की मोदी सरकार तो किसानों को राहत और कर्जमाफी के नाम पर धोखा तो दे ही...

Bhasha [Updated:20 May 2017, 3:38 PM IST]
'60 दिन में 600 चेतावनी' वाली योगी सरकार किसान कर्ज पर श्वेत पत्र लाए: कांग्रेस

लखनऊ: प्रदेश की योगी सरकार को 60 दिन में 600 चेतावनी और प्रचार एवं लीपापोती वाली सरकार बताते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आज कहा कि केंद्र की मोदी सरकार तो किसानों को राहत और कर्जमाफी के नाम पर धोखा तो दे ही रही थी अब वही काम उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी कर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से किसानों की कर्ज माफी पर श्वेत पत्र लाने की मांग की।

केंद्र की भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि केंद्र के उपेक्षित रवैये से देश में 35 किसान रोज आत्महत्या कर रहे हैं, और यह सरकार आजादी के 70 साल बाद किसानों की सबसे ज्यादा उपेक्षा करने वाली सरकार बन गयी है। सरकार न किसान से समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदती है और न ही बाजार में किसानों को सही दाम मिलते हैं।

भाजपा ने केंद्र में चुनाव जीतने के लिये अपने घोषणा पत्र में कहा था कि किसानों को लागत का 50 प्रतिशत ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जायेगा, मगर सत्ता हासिल करने के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा कि लागत का पचास प्रतिशत ज्यादा समर्थन मूल्य किसानों को नहीं दिया जा सकता है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने आज यहां कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में केंद्र की भाजपा सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर उसे घेरा, साथ ही प्रदेश की दो महीने पुरानी भाजपा की योगी सरकार को 60 दिन में 600 वादे और लीपापोती वाली सरकार भी बता डाला।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दो करोड़ 15 लाख छोटे एवं सीमांत किसान परिवारों में से केवल 86 लाख 88 हजार किसान बैकिंग व्यवस्था के दायरे में है, जबकि दो करोड़ 15 लाख किसानों में से एक करोड़ 28 लाख किसान साहूकार के कर्जदार हैं उनकों कर्जा माफी का एक फूटी कौड़ी का फायदा नहीं मिला है।

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि चार अप्रैल 2017 को यूपी की भाजपा सरकार ने 31 मार्च 2016 तक बकाया तीस हजार करोड़ रूपये के फसली कर्जे की माफी का दावा कर वाहवाही लूटने का प्रयास किया। यूपी सरकार ने जानबूझ कर यह नहीं बताया कि 31 मार्च 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच कितने किसानों द्वारा फसल ऋण वापस लौटा दिया गया था तथा लौटाई गयी राशि क्या थी।

उन्होंने कहा कि ऋण माफी के इस छलावे की सच्चाई यह है कि किसानों को फसल रिण साल में दो बार रबी और खरीफ के लिये दिया जाता है। किसान अगली फसल के लिये ऋण ले ही नहीं सकता, अगर पिछली फसल का कर्जा वापस न दिया हो। उन्होंने मांग की कि ऐसे में कर्जा माफी पर उत्तर प्रदेश सरकार श्वेत पत्र लेकर आए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार बताए कि किसान का मियादी कर्ज माफ क्यों नहीं किया गया। सुरजेवाला ने कहा कि उप्र सरकार ने अपने झूठ पर पर्दा डालने के लिये विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण में भी संशोधन कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार की सभी सरकारी वेबसाइटों की बारीकी से जांच की है और अभी किसी भी वेबसाइट पर सरकार का कर्ज माफी संबंधी कोई भी शासनादेश कही नहीं है। सब बातें बस हवा में हैं।

सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुये कहा कि किसान विरोधी मोदी सरकार ने अपने पूंजीपति दोस्तों का तो एक लाख 54 हजार करोड़ रूपये का कर्ज माफ कर दिया लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं किया जिसकी वजह से आज देश में 35 किसान रोज आत्महत्या कर रहे हैं तथा 2016 में करीब 14 हजार किसानों ने देश में आत्महत्या की, जबकि वर्ष 2015 में 12 हजार 602 किसानों ने आत्महत्या की थी।

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