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कोई साथ नहीं देगा तो अकेले चुनाव प्रचार करूंगा: अखिलेश

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सियासी परिवार में जब से खींचतान की खबरें सामने आई तब से मुलायम सिंह से लेकर शिवपाल और अखिलेश यादव ने बार-बार यही कहा कि सबकुछ ठीक है लेकिन इस खींचतान पर आखिरकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दर्द...

India TV News Desk [Published on:14 Oct 2016, 10:36 AM IST]
कोई साथ नहीं देगा तो अकेले चुनाव प्रचार करूंगा: अखिलेश - India TV

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सियासी परिवार में जब से खींचतान की खबरें सामने आई तब से मुलायम सिंह से लेकर शिवपाल और अखिलेश यादव ने बार-बार यही कहा कि सबकुछ ठीक है लेकिन इस खींचतान पर आखिरकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दर्द छलक हीं आया। अखिलेश ने कहा कि मुझे हराना आसान नहीं, मैं अपने दम पर लड़ना जानता हूं। अखिलेश ने कहा कि उनके काम को देखते हुए राज्य की जनता उन्हें दोबारा जीत दिलाएगी।

'किनारे कर सकते हो, हरा नहीं सकते'

अखिलेश यादव को कुछ समय के लिए किनारे किया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं जा सकता। राज्य के लोगों को मुझपर भरोसा है और वो मुझे दोबारा सत्ता में वापसी कराएंगे। उन्हें समझ में आ गया है कि विपक्ष के नौसिखिया कहने के बाद भी मैं इतना काम कर सकता हूं तो फिर अपनी दूसरी पारी में मैं राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाऊंगा। मैं कोई दिखावा नहीं कर रहा हूं लेकिन रनों और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले एक परफेक्ट बल्लेबाज की तरह मेरे विकास के काम मुझे दोबारा सत्ता दिलाएंगे।

'अकेले ही प्रचार शुरू करना पड़ेगा'

अखिलेश ने ये माना कि पार्टी को अबतक प्रचार शुरू कर देना चाहिए था। 12 सितंबर से उनको चुनाव अभियान शुरू करना था जो अब 15 अक्टूबर से होगा। उन्होंने कहा कि परिवार में कोई झगड़ा या संकट नहीं है। नेताजी मेरे पिता हैं और शिवपाल यादव मेरे चाचा, कुछ भी हो जाए, ये बदलने वाला नहीं है। इस समय तक मुझे अपना प्रचार शुरू कर देना चाहिए था लेकिन हॉस्टल में 14 साल के अनुभव ने मुझे ये सिखा दिया है कि चुनौतियों से कैसे निपटा जाता है। लोहियाजी के आदर्शों ने मुझे बिना हिंसा के संघर्ष करना सिखाया है। मैं चुनाव अभियान के लिए क्यों किसी का इंतजार करूंगा, मैं अपने दम पर चुनाव में जाऊंगा।

'मैंने तो बचपन में अपना नाम भी खुद ही रखा था'

अखिलेश ने कहा कि बचपन में मेरा नाम मुझे खुद रखना पड़ा। ठीक इसी तरह मुझे लगता है कि मुझे बिना किसी का इंतजार किए चुनाव अभियान अकेले ही शुरू करना पड़ेगा।

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