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BJP सांसद कटियार बोले, ‘भक्तों को राम मंदिर चाहिए, लॉलीपॉप नहीं’

Bhasha [ Updated 18 Oct 2016, 23:18:41 ]
BJP सांसद कटियार बोले, ‘भक्तों को राम मंदिर चाहिए, लॉलीपॉप नहीं’ - India TV

अयोध्या (उप्र): उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले लगता है कि भगवान राम राजनीति के केन्द्र में आ गए हैं। हालांकि भाजपा का दावा है कि राम मंदिर उसके एजेंडा में नहीं है, लेकिन केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा ने आज कहा कि वे भाग्यशाली हैं, जिन्हें राम का काम करने को मिलता है।

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रामायण संग्रहालय की स्थापना के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण करने यहां पहुंचे शर्मा ने कहा, यदि किसी को भगवान राम का काम करने का मौका मिलता है तो वह अत्यंत भाग्यशाली है....यह भाग्य की बात है अगर भगवान राम हमें राम का काम करने का मौका देते हैं....वो राम का काम करने की जिम्मेदारी हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उसकी शुरूआत कर दी है।

प्रस्तावित संग्रहालय 25 एकड भूमि पर बनेगा, जो उत्तर प्रदेश सरकार ने मुहैया करायी है। ये जगह विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी ढांचा परिसर से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। रामायण संग्रहालय ने विनय कटियार जैसे भाजपा के कट्टरपंथी नेताओं की ये मांग तेज कर दी है कि जहां 1992 में बाबरी ढांचा ढहाया गया था, उसी जगह राम मंदिर बने। कटियार ने कल मांग की थी कि राम मंदिर निर्माण के लिए लोकसभा में विधेयक लाया जाना चाहिए। उन्होंने आज कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किया जा रहा है। राम भक्तों को केवल लालीपाप थमाया जा रहा है।

भाजपा नेता ने कहा, दौड चल रही है... कोई संग्रहालय बना रहा है तो कोई अन्य (अखिलेश यादव सरकार) रामलीला थीम पार्क बना रहा है। हम अयोध्या के इन घटनाक्रम का स्वागत करते हैं लेकिन राम मंदिर निर्माण के बिना सब बेकार है। हम उस पर समझौता नहीं कर सकते। कटियार ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है, जबकि यही महत्वपूर्ण कार्य है। सपा सरकार ने कारसेवकों को गोलियों से मरवाया था और अब थीम पार्क के रूप में लॉलीपाप थमा रही है।

इस बीच, शर्मा ने विकास के काम को भी राम का काम बताते हुए कहा, बच्चों को पढने के लिए स्कूल मिले, ये जिम्मेदारी भी राम की है। युवा पढ लिखकर काबिल बनें और उन्हें रोजगार मिले, ये जिम्मेदारी भी राम की है। रामायण की शिक्षाओं की चर्चा करते हुए शर्मा ने कहा कि कुछ मामलों में केन्द्र के हाथ बंधे हुए हैं। विकास के सभी ऐसे प्रस्ताव जिन्हें केन्द्र को मंजूरी देनी है, राज्यों की ओर से आने चाहिए। कभी कभी हमारे हाथ बंध जाते हैं लेकिन इस समस्या से जल्द निपट लिया जाएगा।

महेश शर्मा लाख दावे करें कि राम के प्रति आस्था उन्हें अयोध्या खींच लाई लेकिन इस पर कोई भरोसा नहीं करेगा क्योंकि ये हकीकत है कि राम अब राजनीति का हिस्सा हो गए हैं। हां इस बार फर्क ये है कि अब तक सिर्फ बीजेपी राम का नाम लेती थी लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को उसी की भाषा में काउंटर करने की कोशिश की है। अयोध्या में रामायण पर थीम पार्क बनाने का अखिलेश यादव की सरकार का फैसला इसी रणनीति का हिस्सा है।

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