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विजयपत सिंघानिया...अर्श से फर्श तक की कहानी

भारत के अग्रणी उद्योगपति और रेमंड्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ। विजयपत सिंघानिया पिछले चार दशकों से उड्डयन के क्षेत्र में अपनी महत्त्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। उनके पास ईस्ट-वेस्ट, दमानिया एलाइंस और सहारा एयरवेज में कई सौ घंटों के उड़ान अनुभव सहित...

Edited by: India TV News Desk [Published on:10 Aug 2017, 2:56 PM IST]
विजयपत सिंघानिया...अर्श से फर्श तक की कहानी

नई दिल्ली: क्या आप यकीन करेंगे कि देश के बड़े अमीरों में शुमार 12 हजार करोड़ रुपए के रेमंड ग्रुप के मालिक विजयपत सिंघानिया जो कभी ब्रिटेन से अकेले प्लेन उड़ाकर भारत आए थे, आज पैदल घूम रहे हैं? 78 साल के अरबपति उद्योगपति जो कभी मुकेश अंबानी के एंटीलिया से भी ऊंचे जेके हाउस में रहते थे आज वो मुंबई की सोसायटी में किराए के मकान में रह रहे हैं। ये बात हैरान करने वाली है लेकिन सच है। ये भी पढ़ें: 12000 करोड़ की रेमंड के मालिक विजयपत सिंघानिया पाई-पाई को मोहताज

भारत के अग्रणी उद्योगपति और रेमंड्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ। विजयपत सिंघानिया पिछले चार दशकों से उड्डयन के क्षेत्र में अपनी महत्त्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। उनके पास ईस्ट-वेस्ट, दमानिया एलाइंस और सहारा एयरवेज में कई सौ घंटों के उड़ान अनुभव सहित कुल 5,000 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने उड्डयन के क्षेत्र में कई सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्‍त किए हैं, जिनमें उड्डयन खेल का सर्वोच्च पुरस्कार, फेडरेशन एयरोनॉटिक इंटरनेशनल (FAI) गोल्ड मेडल भी शामिल है, जो उन्हें वर्ष 1994 में इंटरनेशनल राउंड द वर्ल्ड एयर रेस के लिए दिया गया था।

तत्कालीन राष्‍ट्रपति श्री आर. वेंकटरमण ने उन्हें भारतीय वायुसेना के ‘एयर कमोडोर’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया था; इसके अतिरिक्‍त वह भारतीय वायुसेना के बैटल ऐक्सेज (Battle Axes) के स्क्वाड्रन नं. 7 एयर स्क्वाड्रन के एकमात्र असैनिक सदस्य भी हैं। तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर के ‘लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार’ से पुरस्कृत। वर्ष 2006 में प्रतिष्‍ठित ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित।

विजयपत सिंघानिया ने 2015 में अपनी कंपनी के सारे शेयर अपने बेटे गौतम सिंघानिया को दे दिए थे। इन शेयर की कीमत उस वक्त 1000 करोड़ रुपये थी। दुनियाभर में अपने कपड़ों की वजह से अलग पहचान रखने वाली रेमंड कंपनी 1925 में बनी थी। इसका पहला रिटेल शो रूम 1958 में मुंबई में खुला था। कपड़ों के अलावा कंपनी टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और एविएशन के क्षेत्र में भी काम कर रही थी।

विजयपत सिंघानिया ने 1980 में रेमंड कंपनी की कमान संभाली और उसके बाद इसका स्वरूप आधुनिक हो गया। 1986 में सिंघानिया ने रेमंड का प्रीमियम ब्रांड पार्क एवेन्यु लॉन्च किया। फैशनेबल कपड़ों की नई रेंज लॉन्च की और 1990 में देश के बाहर ओमान में कंपनी का पहला विदेशी शो रूम खोला।

आज वही विजयपत सिंघानिया इन दिनों दक्षिण मुंबई स्थित ग्रांड पराडी सोसाइटी में किराए के घर में रह रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने बांबे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मालाबार हिल स्थित पुनर्विकसित 36 मंजिला जेके हाउस में डुप्लेक्स का कब्जा मांगा है। इसके बाद बुधवार को सिंघानिया के वकील ने कोर्ट को बताया कि विजयपत किस तरह पैसों की तंगी से गुजर रहे हैं। और तो और उनके बेटे गौतम ने उनकी गाड़ी और ड्राइवर भी छीन ली है।

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