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तारिक फ़तह ने अरविंद केजरीवाल को बताया ‘बेवकूफ’ तो उमर को ‘पप्पू’

तारिक फ़तह ने अरविंद केजरीवाल को बताया ‘बेवकूफ’ तो उमर अब्दुल्ला को ‘पप्पु’ नई दिल्ली: पाकिस्तानी मूल के लेखक और पत्रकार तारिक फ़तह ने नोटबंदी का विरोध करने वाले नेताओं को जमकर खरी-खोटी सुनाई है।

India TV News Desk [Updated:30 Nov 2016, 3:53 PM IST]
तारिक फ़तह ने अरविंद केजरीवाल को बताया ‘बेवकूफ’ तो उमर को ‘पप्पू’ - India TV

नई दिल्ली: पाकिस्तानी मूल के लेखक और पत्रकार तारिक फ़तह ने नोटबंदी का विरोध करने वाले नेताओं को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। तारिक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा। फ़तह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में तारिक यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वह इस बात को समझ सकते हैं कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी क्यों नोटबंदी का समर्थन नहीं कर रही हैं लेकिन अरविंद केजरीवाल जैसा आदमी जो राजस्व सेवा का अधिकारी रह चुका है, वह इस बात का विरोध कर रहा है, यह उनकी समझ से परे है।

वीडियो में तारिक फ़तह नोटबंदी पर मोदी सरकार की तरीफ की है। उन्होंने इसे बदलाव वाला कदम करार दिया है। तारिक की मानें तो इससे आतंकवाद पर लगाम लगेगी। फिलहाल इस नोटबंदी ने पाक की कमर तोड़ दी है।

जयपुर के अणुविभा केंद्र में जयपुर डायलॉग्स फोरम की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में तारिक फतेह ने केवल नोटबंदी की हीं जमकर तारीफ नहीं की बल्कि ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और उमर अब्दुल्ला को भी जमकर कोसा।

तारिक ने कहा कि उमर अब्दुल्ला कितने आम लोगों के साथ हर रोज वक्त बिताते हैं जो आम लोगों की परेशानी की बात कर रहे हैं। नोट बैन से आतंकवाद पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगा। फिलहाल नोट बंदी से पाक की कमर टूट गई है। इससे इस्लामिक जेहादिक टेररिस्ट का हिंदुस्तान के भीतर आना बंद हो गया है।

तारिक ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में दो प्रिंटिंग प्रेस हैं। एक पेशावर और दूसरा कराची में। वहां चुराई हुई टेक्नोलॉजी थी जहां 500 और 1000 के भारतीय नोट छापे जाते थे। ये पैसा बांग्लादेश, नेपाल और दुबई के जरिए हिंदुस्तान आता था। इसमें काफी पैसा दाउद का था जो बेकार हो गया।

तारिक ने कहा कि पाक एक टेररिस्ट स्टेट है इसके बारे में कोई डाउट नहीं है। जो पाक से अच्छे ताल्लुकात की बात करते हैं उनका इंट्रेस्ट हिंदुस्तान में नहीं बल्कि पैसों में है। ये ऐसा वक्त है जब पाक से किसी तरह का बिजनेस नहीं करना चाहिए। नोट बंदी से नक्सलवाद पर भी फर्क पड़ेगा। नक्सलियों को भी पैसा पाक से ही आता है।

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