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नगरोटा में तलाशी अभियान फिर शुरू, सैनिकों की पत्नियों की सूझबूझ से टली बड़ी आफत

India TV News Desk [ Updated 30 Nov 2016, 12:44:16 ]
नगरोटा में तलाशी अभियान फिर शुरू, सैनिकों की पत्नियों की सूझबूझ से टली बड़ी आफत - India TV

जम्मू: नगरोटा के सैन्य शिविर में बुधवार को फिर से तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया, जहां मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में दो अधिकारियों सहित सात जवान शहीद हो गए थे। सेना के एक सूत्र ने बताया, "सुबह उजाला होने के साथ ही शिविर में फिर से तलाशी अभियान शुरू हो गया। कल (मंगलवार) शाम अंधेरा होने के कारण इस अभियान को रोक दिया गया था।"

पुलिस की वर्दी पहने तीन आत्मघाती हमलावरों ने मंगलवार तड़के 5.30 बजे 166 फील्ड रेजीमेंट के शिविर पर हमला कर दिया था। यहां करीब 14 घंटे तक अभियान चला, जिसमें तीन आतंकवादी भी मारे गए। आतंकवादी हमले में मेजर गोसावी कुणाल मन्नादिर और मेजर अक्षय गिरीश कुमार सहित सात जवान शहीद हो गए। अन्य शहीदों में हवलदार सुखराज सिंह, लांस नायक कदम सैम भाजी यशवंत्रो, ग्रेनेडियर राघवेंद्र सिंह और राइफलमैन अजीम राय शामिल हैं।

सैनिकों की पत्नियों की सूझबूझ से टली बड़ी आफत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले का पता चला तो कई क्वार्टर्स में रह रहीं अफसरों की पत्नियों ने घरों के दरवाजों को भारी समान से सटाकर बंद कर दिया। इसके चलते आतंकवादी वहां नहीं घुस पाए। उनकी सूझबूझ से बड़ी आफत टल गई। आर्मी चीफ़ जनरल दलबीर सिंह ने रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को इस घटना के बारे में जानकारी दी है।

सेना के नगरोटा स्थित 16वीं कोर के मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर हुए हमले में पांच जवान घायल भी हुए हैं। रामगढ़ सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास स्थित बीएसएफ शिविर पर हुए एक अन्य हमले में उप महानिरीक्षक बी. एस. कसाना और इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह सहित पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में शिविर पर हमला करने वाले तीन आतंकवादी मारे गए।

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