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कश्मीर के सारे नौजवान पत्थर फेंकने वाले नहीं, ये सिर्फ कुछ लोगों का काम: महबूबा मुफ्ती

पुलवामा जिले में आज स्कूली छात्रों के सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष के बाद जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हर कश्मीरी नौजवान पत्थर फेंकने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर एक बार फिर दोराहे पर खड़ा है...

Bhasha [Updated:08 May 2017, 5:44 PM IST]
कश्मीर के सारे नौजवान पत्थर फेंकने वाले नहीं, ये सिर्फ कुछ लोगों का काम: महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर: पुलवामा जिले में आज स्कूली छात्रों के सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष के बाद जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हर कश्मीरी नौजवान पत्थर फेंकने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर एक बार फिर दोराहे पर खड़ा है लेकिन घाटी में शांति लौटेगी जहां पिछले दो महीने से ज्यादा वक्त से प्रदर्शन हो रहे हैं और इनमें मुख्य रूप से छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा, कुछ लोग पथराव करते हैं लेकिन कश्मीर के सारे नौजवान ऐसा नहीं करते।

महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय मीडिया से अपील की कि वह राज्य के लोगों के खिलाफ नफरत पैदा करने वाली चर्चाओं को ना दिखाएं। उन्होंने यहां सिविल सचिवालय के उद्घाटन पर संक्षिप्त बातचीत में संवाददाताओं से कहा कि कश्मीरी छात्र गुस्से में हैं और वे भ्रमित हैं।

पुलवामा में उनका गुस्सा साफ दिखाई दिया जहां उन्होंने पुलिस पर सख्ती का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ मार्च निकाला और सुरक्षा बलों से उनका टकराव हुआ। पुलिस ने कहा कि छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके और सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ छात्रों को उकसाया जा रहा है। मुझे लगता है कि हमें हालात के समाधान के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालात गंभीर हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन्हें दुरूस्त नहीं किया जा सकता। महबूबा ने कहा कि वर्ष 1947 के बाद से कई मौके आये हैं जब कश्मीर ने बुरे दिन देखे हैं। आज हम दोराहे पर खड़े हैं।

उन्होंने 1950 के दशक से कश्मीर में शुरू हुए जनमत संग्रह आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह 22 वर्षों तक चलता रहा लेकिन नेतृत्व समझ गया कि इस मुद्दे का हिंसा से नहीं सुलझाया जा सकता। उन्होंने कहा, इंदिरा-शेख समझौता हुआ, 1990 के बाद फिर से स्थिति गंभीर हो गई। कई बार आतंकवाद बढ़ा और कई बार कम हो गया।

उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर देश की आत्मा है। जब जम्मू कश्मीर की बात आती है तो देश की बात होती है। जम्मू कश्मीर के लोगों का केवल अपने राज्य पर ही अधिकार नहीं है बल्कि देश के हर हिस्से पर अधिकार है और उन्हें अपना हक जताना चाहिए। महबूबा ने कहा कि राज्य के युवा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, उनमें इतनी क्षमता है कि वे देश में कहीं भी अपने आप को साबित कर सकते हैं।

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