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पाक-चीन से निपटने के लिये भारत बना रहा यह रणनीति

सूत्रों के अनुसार थलसेना अमेरिका से अपाचे 64D हमले के हेलिकॉप्टरों का नवीनतम संस्करण खरीदना चाहती है। थलसेना इसके 39 इकाइयों को खरीदना चाहती है जिसकी कीमत 12 हजार करोड़ से अधिक है।

India TV News Desk [Updated:20 May 2017, 11:06 AM IST]
पाक-चीन से निपटने के लिये भारत बना रहा यह रणनीति

नई दिल्ली: वायुसेना के लिए पिछले साल सितम्बर में 22 अपाचे हमलावर हेलीकॉप्टर और 15 चिनूक हेवीलिफ्ट हेलीकॉप्टरों के सौदे को मंजूरी देने के बाद भारतीय थलसेना के लिए 39 और अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिका से हासिल करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए रक्षा मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में इस सप्ताह के अंत तक एक बैठक होगी जिसमें इसके खरीद पर विचार हो सकता है। सेना के शीर्ष सूत्रों के अनुसार ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना की सैन्य शक्तियां बढ़ाने में मददगार होंगे। (ये भी पढ़ें: वो मेरे बेडरूम में घुस आई, मैं तो हैरान रह गया: यासीन मलिक)

सूत्रों के अनुसार थलसेना अमेरिका से अपाचे 64D हमले के हेलिकॉप्टरों का नवीनतम संस्करण खरीदना चाहती है। थलसेना इसके 39 इकाइयों को खरीदना चाहती है जिसकी कीमत 12 हजार करोड़ से अधिक है। 39 हेलिकॉप्टरों के अधिग्रहण की योजना के बारे में सूत्रों ने कहा कि हेलिकॉप्टरों को 10 के तीन स्क्वाड्रनों में विभाजित किया जाएगा और स्ट्राइक कोर के साथ चीन और पाकिस्तान में तैनात किया जाएगा।

सेना अपने हेलिकॉप्टर बेड़े के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में है क्योंकि यह अपने लिए 200 कामोव लाइट हेलिकॉप्टरों की खरीद के लिए अधिग्रहण की प्रक्रिया का नेतृत्व कर रही है और वायु सेना अपने चीता और चेतक हेलीकाप्टरों को ऊंचाई वाले सैन्य ठिकानों पर ऑपरेशन के लिए स्थांनातरित करेगी।

उल्लेखनीय है कि बोईंग कम्पनी द्वारा बनाए गए अपाचे हेलीकॉप्टरों को थलसेना ने अपने  बेड़े में शामिल करने को कहा था, लेकिन इसके 22 हेलीकॉप्टरों की पहली खेप वायुसेना को ही दी जाएगी। इनकी सप्लाई 2019 से 2021 तक पूरी हो जाएगी।

अपाचे हेलीकाप्टरों को दुनिया का सबसे घातक हेलीकॉप्टर बताया जाता है। सभी मौसमों में दिन रात सक्रिय रहने की क्षमता वाले ये  स्टील्थ हेलीकॉप्टर कहे जाते हैं अर्थात दुश्मन के आसमान पर उडऩे के दौरान दुश्मन की निगाह इन पर नहीं जा सकेगी। युद्ध का पासा पलटने की क्षमता वाले इन हेलीकॉप्टरों में लेजर और इन्फ्रारेड सिस्टम्स के अलावा अत्यधिक घातक हेलफायर मिसाइल लगे होते हैं। जमीनी-आसमानी युद्ध में असरकारी भूमिका निभाने वाले इतनी घातक क्षमता वाले इस तरह के हेलीकॉप्टर पहली बार भारतीय सेना में शामिल किए जा रहे हैं।

युद्ध के दौरान इनके इस्तेमाल से दुश्मन की थलसेना की भारी तबाही की जा सकेगी। अपाचे  हेलीकॉप्टरों की भारत और बाकी दुनिया में बढ़ती मांग को देखते हुए बोईंग कम्पनी ने अपाचे हेलीकॉप्टरों के फ्यूजीलाज और अन्य हिस्से  बनाने के लिए हैदराबाद में टाटा कम्पनी के साथ एक संयुक्त उद्यम खोला है जो  2018  से बोईंग की दुनिया भर की सप्लाई जरुरतों को पूरा करेगा। बोईंग को कई देशों से दो सौ अपाचे हेलीकाप्टरों के आर्डर मिले हैं जिनके फ्यूजीलाज और अन्य हिस्सों की सप्लाई भारत से ही की जाएगी।

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