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2 रुपये के सिक्के से तेज रफ्तार ट्रेन रोक करता था लूटपाट, सामने आई चौंकाने वाली बात

सिक्के से ट्रेन रोककर लूटपाट का ये मामला अभी सामने आया है लेकिन ऐसी तमाम वारदात पिछले कुछ समय से दिल्ली-हावड़ा रूट और दादरी- मुरादाबाद रूट पर हो रही थीं। पुलिस को काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि दादरी से बोड़ाकी...

Written by: India TV News Desk [Published on:15 Nov 2017, 2:23 PM IST]
2 रुपये के सिक्के से तेज रफ्तार ट्रेन रोक करता था लूटपाट, सामने आई चौंकाने वाली बात

नई दिल्ली: क्या आप सोच सकते हैं कि 2 रुपये का सिक्का कितना खतरनाक हो सकता है। ये सिक्का हजारों, लाखों की लूट करवा सकता है। हम आपको डरा नहीं रहे बल्कि सचेत कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के दादरी में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो दो रुपये के सिक्के की मदद से ट्रेनों में लूटपाट करता था। 100 किमी की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन को अचानक ये गिरोह रोक देता था। दो रुपये से लूट का ये खेल महज तीन से चार मिनट तक चलता था।

सिक्के से ट्रेन रोककर लूटपाट का ये मामला अभी सामने आया है लेकिन ऐसी तमाम वारदात पिछले कुछ समय से दिल्ली-हावड़ा रूट और दादरी- मुरादाबाद रूट पर हो रही थीं। पुलिस को काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि दादरी से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन के ग्रीन सिग्नल को रेड करके यात्रियों से लूटपाट की जाती है जिसके बाद पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए एक टीम तैयार की जिसने रात के अंधेरे में रेलवे ट्रैक पर नजर रखनी शुरू की। दादरी-मुरादाबाद रेलवे ट्रैक पर लगे कैमरों को खंगाला। फिर सामने आया 2 के सिक्के से लूट के खुलासे का सच।

सीसीटीवी में एक आरोपी की तस्वीर कैद हुई जिसके आधार पर सिक्के से ट्रेन में लूटपाट करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। सिक्के से लूटपाट करने वाले इस गिरोह में हर बदमाश की भूमिका पहले से तय होती थी। बदमाशों ने खुलासा किया है कि दो रुपये का सिक्का लगाने के बाद बदमाश पटरी से दूर होता था। बाकी लुटेरे दो किलोमीटर दूर खड़े रहते थे, जिससे कि सिग्नल ग्रीन से लाल होने पर ट्रेन रूके।

सिग्नल ग्रीन से लाल होने में 3 से 5 मिनट का समय लगता था। इन्हीं 3 से 5 मिनट में होती थी लूटपाट। 2 के सिक्के से ज्यादातर सिग्नल ग्रीन से रेड होता है। ट्रेन गुजरने के बाद पटरी के जोड़ में थोड़ी जगह बन जाती है। इसी खाली जगह में लुटेरे 2 का सिक्का फंसाते थे जिसकी वजह से पटरियों को अर्थिंग नहीं मिलती। अर्थ ना मिलने की वजह से ग्रीन सिग्नल रेड हो जाता था। ये खुलासा उन लुटेरों ने किया जिन्हें ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर पुलिस और आरपीएफ ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इनके पास से अवैध तमंचा और चाकू जब्त किया है। साथ ही वो सिक्का भी जब्त किया है जिसकी मदद से ये ट्रेन को रोका करते थे। गिरोह में कुल आठ सदस्य है, तीन बदमाशों को पिछले दिनों रामपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, अब दो को ग्रेटर नोएडा में पकड़ा गया है। इस खुलासे ने सोचने को मजबूर कर दिया है कि कैसे महज दो रुपये के सिक्के से ट्रेनों को हाइजैक किया जा रहा था और कैसे यात्रियों को हथियार के बल पर लूटा जा रहा था।

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