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EXCLUSIVE: कपिल सिब्बल का दावा वह नहीं हैं सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील, जानिए क्या कहते हैं दस्तावेज़

इंडिया टीवी के पास वो एक्सक्लूसिव डॉक्यूमेंट हैं जिससे ये साफ पता चल रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पेश हुए थे। इंडिया टीवी को सुप्रीम कोर्ट का एपीयरेंस स्लीप मिला है जिसमें साफ तौर से कपिल सिब्बल का नाम सबसे ऊपर ह

Written by: India TV News Desk [Updated:07 Dec 2017, 1:04 PM IST]
kapil-sibal- Khabar IndiaTV
kapil-sibalPhoto:PTI

नई दिल्ली: अयोध्या मामले में कपिल सिब्बल का एक और झूठ साफ तौर पर सामने आ गया है। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर उन्होंने इसकी सुनवाई अगले आम चुनाव के बाद जुलाई 2019 में कराए जाने की दलील दी। सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में जन भावनाओं के विपरीत दलील देकर खुद के साथ अपनी पार्टी को भी मुश्किल में डाला दिया। जब कपिल सिब्बल की दलील से भाजपा नेता उन पर हमलावर हुए और सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी उनकी दलील से असहमति जताई तो सिब्बल ने सफाई दी कि वह तो इस बोर्ड के वकील हैं ही नहीं, लेकिन अदालती दस्तावेज यही कह रहे हैं कि वह सुन्नी वक्फ बोर्ड के ही वकील हैं।

इंडिया टीवी के पास वो एक्सक्लूसिव डॉक्यूमेंट हैं जिससे ये साफ पता चल रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पेश हुए थे। इंडिया टीवी को सुप्रीम कोर्ट का एपीयरेंस स्लीप मिला है जिसमें साफ तौर से कपिल सिब्बल का नाम सबसे ऊपर है।

बता दें कि सिब्ब्ल ने कहा था कि हम भगवान पर भरोसा करते हैं, हमें आप पर भरोसा नहीं है मोदी जी। आप राम मंदिर नहीं बनाने जा रहे हैं, मंदिर तभी बनेगा जब ईश्वर की मर्जी होगी। इसका फैसला कोर्ट करेगा। हमारे प्रधानमंत्री कभी-कभी बिना कुछ जाने कमेंट कर देते हैं। अमित शाह और पीएम ने कहा कि मैंने सुन्नी वक्फ बोर्ड का प्रतिनिधित्व किया। जबकि मैं कभी सुन्नी वक्फ बोर्ड का वकील नहीं रहा।

सिब्बल ने पीएम पर पलटवार तो किया लेकिन ये नहीं बताया कि कोर्ट में उन्होंने राम मंदिर विवाद पर सुनवाई को टालने की मांग आखिर क्यों की। इतना ही नहीं राम मंदिर के मुस्लिम पक्षकारों में भी सिब्बल को लेकर एक राय नहीं है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के पक्षकार हाजी महबूब अंसारी और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी अलग बातें कह रहे हैं। अगर जिलानी सिब्बल के समर्थन में हैं तो अंसारी सिब्बल पर कांग्रेस की भाषा बोलने का आरोप लगा रहे हैं।

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