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दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का निधन

दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का आज सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। गुजरात से प्रकाशित होने वाले समूह के गुजराती अखबार दिव्य भास्कर के कर्मचारियों के अनुसार,...

Bhasha [Updated:12 Apr 2017, 7:13 PM IST]
दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का निधन

भोपाल: दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का आज सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। गुजरात से प्रकाशित होने वाले समूह के गुजराती अखबार दिव्य भास्कर के कर्मचारियों के अनुसार, यहां हवाईअड्डे पर पहुंचते ही अग्रवाल को दिल का दौरा पड़ा।

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उन्होंने कहा, हालांकि उन्हें तुरंत पास स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने एक बयान में कहा, अग्रवाल को विमान से उतरने के बाद हवाई अड्डे पर दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तुरंत 11 बजकर 25 मिनट पर अपोलो अस्पताल में इमरजेंसी विभाग में लाया गया।

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बयान के अनुसार, मेडिकल टीम ने आधे घंटे से ज्यादा वक्त तक बहुत प्रयास किया लेकिन उनकी हृदय गति बहाल नहीं की जा सकी। उन्हें 12 बजकर 05 मिनट पर मृत घोषित कर दिया गया। भास्कर समूह के वरिष्ठ कर्मचारियों के अनुसार, अग्रवाल का पार्थिव शरीर आज शाम एयर एम्बुलेंस से भोपाल ले जाया जाएगा। अंतिम संस्कार कल होगा।

अग्रवाल के निधन की सूचना मिलने पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला उन्हें श्रद्धांजलि देने अस्पताल पहुंचे।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अग्रवाल के निधन पर शोक जताया है। चौहान ने कहा, अग्रवाल की असामयिक मृत्यु अखबारी दुनिया बहुत दुखी है। वह बेहद संवेदनशील और तेजी से फैसले लेने के लिए प्रसिद्ध थे। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, अग्रवाल करीबी मित्र थे।

30 नवंबर 1944 को उत्तरप्रदेश के झाांसी में जन्मे अग्रवाल 1956 में अपने पिता सेठ द्वारकाप्रसाद अग्रवाल के साथ भोपाल आ गए। उन्होंने 1958 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से दैनिक भास्कर की नींव रखी। 1983 में इंदौर संस्करण की शुरुआत की। 1996 में भास्कर पहली बार मध्यप्रदेश से बाहर निकला और राजस्थान में भी अपना समाचार पत्र प्रकाशित किया।

रमेशजी के विजन और स्पष्ट लक्ष्य का ही नतीजा है कि आज भास्कर 14 राज्यों में 62 संस्करण के साथ न सिर्फ देश का नंबर-वन अखबार है, बल्कि सर्कुलेशन के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अखबार बन गया है।

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