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ब्रिक्स सम्मेलन: रूस से रक्षा सौदा बना देगा भारत को महाशक्ति

India TV News Desk [ Updated 15 Oct 2016, 10:46:24 ]
ब्रिक्स सम्मेलन: रूस से रक्षा सौदा बना देगा भारत को महाशक्ति - India TV

बेनॉलियम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गोवा में द्विपक्षीय वार्ता और ब्रिक्स सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। मोदी ने ट्वीट कर पुतिन का स्वागत करते हुए कहा, "भारत आपका स्वागत करता है राष्ट्रपति पुतिन। एक मंगलदायी यात्रा की कामना कर रहा हूं।" पुतिन दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार सुबह ही गोवा पहुंच चुके हैं। आपको बता दें कि भारत के लिए यह सम्मेलन बहुत जरूरी है क्योंकि इससे भारत को एक सुरक्षा का एक मजबूत कवच हासिल होगा।  7 बिलियन डॉलर की इस डील से जल-थल और नभ की सुरक्षा की जा सकेगी। इसमें सबसे अहम है S-400 ट्रम्फ मिसाइल डिफेंस सिस्टम जो आसमान से होने वाले हर हमले को नाकाम कर देगा, हर फाइटर जेट, मिसाइल और ड्रोन को मार गिराएगा। इस स्पेशल मिसाइल डिफेंस सिस्टम का तोड़ दुनिया की किसी भी एयरफोर्स के पास नहीं है।

S-400 जल्द भारतीय सेना का हिस्सा बनने वाला है।
ये दुनिया का सबसे एडवांस एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम है जिसका नाम है S-400 ट्रम्फ मिसाइल डिफेंस सिस्टम। यह एक ऐसा सिस्टम है जिसका कोई तोड़ नहीं है। ये साबित हो चुका कि जिस जगह महाविनाशक S-400 तैनात रहता है उसके 400 किलोमीटर के दायरे में जाने की जुर्रत दुश्मन भूलकर भी नहीं करता है। बहुत जल्द ये एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइस सिस्टम भारतीय सेना का हिस्सा बनने वाला है। दरअसल रूस में बना ये एक ऐसा डिफेंस सिस्टम है, जिसे मात देना दुनिया के किसी भी फाइटर प्लेन के बस की बात नहीं है।

भारत अपने सबसे पुराने और पारंपरिक सामरिक साथी से S-400 की डील सील करने वाला है।
रुस ने सीरिया में भी S-400 मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया था, और अब भारत अपने सबसे पुराने और पारंपरिक सामरिक साथी से S-400 की डील सील करने वाला है। ये समझौता शनिवार को गोवा में होगा, क्योंकि वहां पर रुसी राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन खुद मौजूद होंगे। आपको बता दें कि ये डिफेंस सिस्टम आज की तारीख में दुनिया का सबसे खतरनाक मिसाइस सिस्टम है।

S-400 दुनिया का सबसे बेहतरीन मिसाइल डिफेंस सिस्टम है  इसकी रफ्तार और मारक क्षमता का कोई मुकाबला नहीं है। 400 KM के दायरे में दुश्मनों पर अटैक कर सकता है S-400। जमीन से हवा और जमीन से जमीन पर मार करने की क्षमता है। S-400 एक साथ कई ठिकानों पर निशाना साध सकता है

S-400 से निकली मिसाइल एक सेकेंड में 4.8 KM. की दूरी तय कर सकती है
हिंदुस्तान इस तरह के 5 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने वाला है, आपको बता दें कि इस तरह का हाईटेक सिस्टम फिलहाल सिर्फ रूस, चीन और अब हिंदुस्तान के पास ही होगा S-400 से निकली मिसाइल एक सेकेंड में 4.8 KM. की दूरी तय कर सकती है यानि 17 हजार 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ये मिसाइल 400 किलोमीटर रेंज में आने वाले दुश्मन एयरक्राफ्ट, फाइटर जेट, स्टील्थ प्लेन, मिसाइल और ड्रोन को मार गिराने में सक्षम है, खास बात ये है कि S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम आम रडार की पकड़ से बच निकलने वाले स्टील्थ मोड के 5th जेनरेशन फाइटर जेट्स भी मार गिरा सकता है, यानि जो फाइटर प्लेन आम रडार को धोखा देने में कामयाब होते हैं वो भी इसकी नजरों से बच नहीं सकेंगे, S-400 में मौजूद सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें 120-400 किलोमीटर रेंज में किसी भी टारगेट को आसानी से मार गिरा सकती हैं, और ये एक साथ 36 जगहों को टारगेट करने की क्षमता रखता है।

S-400 आसमान में 400 किलोमीटर तक की रेंज में फुटबॉल जितनी छोटी चीज़ पर भी निशाना साध सकता है।
दरअसल इस मिसाइल लॉन्चर में खास तरह की रडार यूनिट्स लगी हैं, जो एक दूसरे से संपर्क में रहती हैं, और दुश्मन के चौतरफा हवाई हमले की पल-पल की जानकारी कंट्रोल रुम को भेजती हैं। कंट्रोल रूम से दुश्मन के हवाई हमलों को पलक झपकते ही नेस्तेनाबूद कर दिया जाता है। इसका हमला कितना सटीक होता है इसका अंदाजा इससे हो जाता है कि ये आसमान में 400 किलोमीटर तक की रेंज में फुटबॉल जितनी छोटी चीज़ पर भी निशाना साध सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस सिस्टम से हिंदुस्तान की ताकत बढ़ जाएगी।

रूस के साथ होने जा रही 47 हजार करोड़ की डील इसलिए भी अहम है क्योंकि इस वक्त भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हैं, और चीन भी उसके साथ खड़ा नजर आ रहा है, ऐसे में ये महाविनाशक दुश्मनों को एहसास दिलाने के लिए काफी है कि हमसे टकराने की गलती भूलकर भी नहीं करना।

 

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