1. Home
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. बैंक मैनेजर 3 दिन से नहीं गए थे घर, हार्ट अटैक से बैंक में ही मौत

बैंक मैनेजर 3 दिन से नहीं गए थे घर, हार्ट अटैक से बैंक में ही मौत

मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी का असर आम लोगों के साथ ही बैंक में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों पर भी दिखने लगा है।

Sunil Kumar [Published on:18 Nov 2016, 4:34 PM IST]
बैंक मैनेजर 3 दिन से नहीं गए थे घर, हार्ट अटैक से बैंक में ही मौत

रोहतक: मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी का असर आम लोगों के साथ ही बैंक में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों पर भी दिखने लगा है। लगातार काम करने के चलते उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने लगा है। रोहतक में शुगर मिल कॉलोनी स्थित कोऑपरेटिव बैंक प्रबंधक बैंक में वर्क लोड होने की वजह से 3 दिन से घर नहीं गए थे। वे मंगलवार देर रात तक काम निपटाकर बैंक में ही सो जाते थे।

देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

3 दिन लगातार काम करने के चलते पड़ा दिल का दौरा
मंगलवार को भी उन्होंने ज्यादा काम की वजह से बैंक में ही सोने का फैसला लिया, लेकिन बुधवार सुबह वे उठ नहीं सके। पुलिस को सूचना दी गई और कमरे का दरवाजा तोड़ा तो वे मृत मिले। शोक स्वरूप बैंक में पूरा दिन काम नहीं हुआ। 

इन्हें भी पढ़ें:

मूलरूप से हसनगढ़ निवासी 57 वर्षीय राजेश चंद्र को ऑपरेटिव बैंक में मैनेजर थे। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि रोजाना सुबह जल्दी बैंक खोलने के निर्देश हैं। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कंप्यूटर ऑपरेटर चाय विक्रेता बैंक आए थे। उन्होंने मृतक बैंक मैनेजर राजेश चंद्र का कमरा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो वे मृत मिले।

दिल के मरीज थे, दवा ले रहे थे
कर्मचारियों ने बताया कि वे दिल के मरीज थे। वह अपनी दवा भी करा रहे थे। वर्कलोड के कारण वे काम के बाद बैंक में सोते थे। उनका परिवार गुड़गांव में रहता है। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। पुलिस ने कहा कि बैंक मैनेजर की मौत हृदय गति रुकने से हुई है।

You May Like

Write a comment

Promoted Content