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स्माइल अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में बच्चों के लिए प्रदर्शित की जाएंगी 100 से अधिक फिल्में

स्माइल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के तीसरे संस्करण में बच्चों और युवाओं के लिए 100 से भी ज्यादा फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा।

Reported by: IANS [Published on:29 Nov 2017, 12:22 PM IST]
film festival- Khabar IndiaTV
film festival

नई दिल्ली: स्माइल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के तीसरे संस्करण में बच्चों और युवाओं के लिए 100 से भी ज्यादा फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में 11-17 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। स्माइल फाउंडेशन द्वारा गठित एसआईएफएफसीवाई (स्माइल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव बच्चों और युवाओं के लिए) जिसमें खासकर बच्चों और युवाओं के लिए ही फिल्में दिखाई जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विभिन्न मुद्दों और चर्चाओं के बारे में संवेदनशील बनाना और प्रोत्साहित करना है।

इस समारोह में फिल्म प्रदर्शन के अलावा उभरते नए फिल्म निर्माताओं के प्रतिभा को सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इस वर्ष एसआईएफएफसीवाई ने 100 से भी अधिक देशों से 2000 प्रविष्टियां प्राप्त की हैं।

महोत्सव निदेशक एवं एसआईएफएफसीवाई के फेस्टिवल निदेशक जीतेंद्र मिश्रा ने कहा, "हम हर साल फिल्म स्क्रीनिंग के अलावा बच्चों और युवाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की फिल्म-निर्माण कार्यशालाओं का भी आयोजन करते हैं। एसआईएफएफसीवाई विभिन्न प्रकार की कार्यशालाओं की मेजबानी में 'टेक वन' नामक एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन करता है। इस साल इसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित ब्रिटिश आधारित संगठन 'फिल्म्स वीदाउट बॉर्डर्स' द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसका मकसद बच्चों को फिल्म निर्माण के बारे में शिक्षित और अवगत कराना है।"

स्माइल फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव ट्रस्टी और एसआईएफएफसीवाई के अध्यक्ष शांतनु मिश्रा ने कहा, "बच्चे और युवा किसी भी देश का भविष्य होते हैं और अगर इन्हें शुरुआत से ही संवेदनशील बनाया जाए तो वह समाज की सोच में बदलाव के प्रतिनिधि बन कर उभर सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्वश, आज की दुनिया में युवाओं के प्रकृति में सहानुभूति की प्रवृत्तियां उदासीन होती जा रही है। हमारा उद्देश्य यह है की बच्चों और युवाओं को ज्ञानयुक्त सम्मलेन के माध्यम से संवेदनशील बनाया जाए, ताकि उनके मन में स्थाई प्रभाव का भी संचार हो सके।"

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