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भारत-पाक के बीच ट्रैक-2 की कोई कूटनीति नहीं चल रही: अजीज

India TV News Desk 14 Oct 2016, 17:15:39
India TV News Desk

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने कहा है कि भारत के साथ पिछले दरवाजे से कोई कूटनीति नहीं चल रही और दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता प्रक्रिया निलंबित है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने एक्सप्रेस न्यूज चैनल से कहा, पाकिस्तान और भारत के बीच पिछले दरवाजे से या ट्रैक-2 की कोई कूटनीति नहीं चल रही और इस तरह के संपर्क दोनों पक्षों की आकांक्षाओं पर स्थापित होते हैं। अजीज ने दावा किया कि भारत ने आतंकवाद के लिए हमेशा बिना सबूत के पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने कहा, भारत की बिना किसी ठोस सबूत के अपने देश में किसी भी आतंकवादी घटना के बाद पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की आदत रही है। अजीज ने कहा कि दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता प्रक्रिया निलंबित बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाषण में कश्मीर के मुद्दे पर और वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर ध्यान दिया गया। सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटिड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के अनुसार अजीज ने पाकिस्तान के कूटनीतिक अलगाव की सोच को भी खारिज करते हुए दावा किया कि उनका देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक और भू सामरिक स्तरों पर बड़े पुनर्निर्धारण चल रहे हैं और इनके साथ पाकिस्तान सही दिशा में बढ़ रहा है। अजीज ने कहा, रूस और चीन द्वारा यूरेशिया का विकास, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सक्रियता, एशियाई निवेश बैंक (AIB) का गठन आदि बड़े पुनर्निर्धारणों का संकेत देते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को लेकर पश्चिमी देशों में चिंता का मुद्दा चीन के साथ उसके बढ़ते संबंधों और सहयोग से जुड़ा है।

अजीज के मुताबिक पाकिस्तान अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, पश्चिम एशिया और दुनिया के अन्य क्षेत्रों के साथ भी अच्छे द्विपक्षीय संबंध रखता है। अजीज के बयान उरी आतंकी हमले और 28-29 सितंबर की रात को एलओसी के पार आतंकी ठिकानों पर भारत के लक्षित हमलों के बाद संबंधों में खटास के बीच आए हैं। उरी हमले में 19 भारतीय जवान मारे गये थे।

उन्होंने कहा, चीन हमारा सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार बन गया है और हमारा मानना है कि चीन हमारे सपनों को साकार करने के लिए एक भरोसेमंद साझेदार है। चीन हमारी कई बड़ी परियोजनाओं में वित्त, पूंजी और प्रौद्योगिकी के सिलसिले में एक प्रमुख सहयोगी है। बीजिंग ने इससे पहले एक बयान में कहा कि यह यात्रा एक मील का पत्थर होगी क्योंकि इससे द्विपक्षीय सहयोग मजबूत होगा। इस यात्रा के जानकार बांग्लादेशी अधिकारियों ने बताया कि दोनों देशों के बीच 25 समझौते और सहमति पत्रों (MOU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।