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ड्रेजिंग कॉरपोरेशन में सरकार की पूरी 73% हिस्सेदारी बेचने को मिली मंजूरी, राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना में होगा बदलाव

केंद्र सरकार ने आज ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीसीआई) में अपनी समूची 73.47 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है।

Abhishek Shrivastava 01 Nov 2017, 19:42:11 IST
Abhishek Shrivastava

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीसीआई) में अपनी समूची 73.47 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में डीसीआई के विनिवेश को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने कंपनी में सरकार की समूची 73.47 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री को मंजूरी दे दी है। इससे सरकार को 1,400 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। यह ड्रेजिंग कंपनी पोत परिवहन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आती है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाला सचिवों का एक प्रमुख समूह पहले ही इस विनिवेश को मंजूरी दे चुका है। सरकारी शोध संस्थान नीति आयोग भी डीसीआई के विनिवेश के पक्ष में है। फिलहाल सरकार की डीसीआई में 73.47 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी के शेयर के मौजूदा भाव के हिसाब से सरकार को हिस्सेदारी बिक्री से 1,400 करोड़ रुपए प्राप्त हो सकते हैं।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में बदलावों को मंजूरी 

कृषि को एक लाभकारी पेशा बनाने के लिए सरकार ने आज मौजूदा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) में बदलावों को मंजूरी प्रदान कर दी। नए बदलावों में मूल्य श्रृंखला, फसल बाद आवश्यक बुनियादी ढांचे और कृषि उद्यम विकास इत्यादि पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। अब योजना का नाम आरकेवीवाई-कृषि एवं संबंधित क्षेत्र कायाकल्प के लिए लाभकारी पहल (रफ्तार) होगा। यह तीन साल के लिए 2019-20 तक के लिए होगी। इसके लिए 15,722 करोड़ रुपए का बजटीय आवंटन किया गया है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आरकेवीवाई को आरकेवीवाई-रफ्तार के तौर पर जारी रखने को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना का उद्देश्य कृषि को एक लाभदायक आर्थिक गतिविधि बनाना है। इसके लिए किसान के प्रयासों को मजबूती देना, जोखिम कम करने और कृषि कारोबार उद्यमिता को बढ़ावा देने के काम किए जाएंगे।