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कैंसर के मरीजों को मिली बड़ी राहत, एक साल में दवा की कीमत 86 प्रतिशत तक गिरी

राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण एनपीपीए का कहना है कि पिछले साल मार्च से अब तक एक वर्ष में कैंसर की दवा की कीमत में 86 प्रतिशत तक की कमी आई है।

Sachin Chaturvedi 06 Mar 2017, 18:59:53 IST
Sachin Chaturvedi

नयी दिल्ली। देश में दवा की कीमतों को नियंत्रित रखने वाले निकाय राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण एनपीपीए का कहना है कि पिछले साल मार्च से अब तक एक वर्ष में कैंसर की दवा की कीमत में 86 प्रतिशत तक की कमी आई है। इससे लाखों मरीजों को राहत मिली है।

एनपीपीए ने एक ट्वीट में कहा, मार्च 2016 से कैंसर की दवा की कीमत में महत्वपूर्ण कमी आई है। प्राधिकरण ने कहा कि दवा की कीमत में यह कमी 13 से 86 प्रतिशत तक है।

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गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया की इरेसा दवा की कीमत 29,259 रपये से घटकर 3,977 रपये हो गई है जो 86 प्रतिशत की कमी है। वहीं डॉक्टर रेड्डीज की ग्राफील की कीमत में भी 41 प्रतिशत कमी आई है। प्राधिकरण ने कहा कि इस अवधि में मधुमेह की दवाओं की कीमत भी 10 से 42 प्रतिशत तक कम हुई है।

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कुछ और दवाएं आएंगी कीमत नियंत्रण के दायरे में

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कहा कि कुछ और दवाएं उसके नियंत्रण में आएंगी ताकि रोगियों को राहत दी जा सके। एनपीपीए ने ट्वीटर पर लिखा है, प्राधिकरण की आगामी बैठक नौ मार्च को होगी। कुछ और दवाएं मूल्य नियंत्रण के दायरे में आएंगी। इस साल जनवरी तक 620 से अधिक दवाएं उसके नियंत्रण दायरे में आ चुकी हैं। इस बीच स्टेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियामक सात मार्च को स्टेंट विनिर्माताओं व आयातकों के साथ दूसरे दौर की बातचीत करेगा।