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#ChunavManch गुजरात के मतदाता तीसरे विकल्प की ओर देख रहे हैं:शंकर सिंह वाघेला

Written by: Khabarindiatv.com 15 Oct 2017, 22:43:21 IST
Khabarindiatv.com

अहमदाबाद: पूर्व कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि गुजरात की जनता कांग्रेस और बीजेपी से नाराज है और अब वो तीसरे विकल्प की ओर देख रही है। इंडिया टीवी के दिनभर चलनेवाले कॉन्क्लेव 'चुनाव मंच' में सवालों का जवाब देते हुए वाघेला ने कहा, 'गुजरात की जनता 1960 से कांग्रेस को वोट दे रही है, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पार्टी खरी नहीं उतरी। लोग पिछले 22 साल से बीजेपी को वोट दे रहे हैं। लेकिन अब मतदाता तीसरे विकल्प की ओर देख रहे हैं, जहां कि जन विकल्प (हाल में निर्मित राजनीतिक मंच) आगे आ रहा है।'

वाघेला ने इन आरोपों को खारिज किया कि वे बीजेपी विरोधी वोटों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'क्या अरविंद केजरीवाल दिल्ली में कांग्रेस और बीजेपी के वोटों को बांटने की कोशिश कर रहे थे? क्या ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट के वोटों को बाटने की कोशिश कर रही थीं? तीसरे विकल्प की राजनीति पूरे भारत में काम कर रही है। यह कहना गलत है कि हमलोग बीजेपी की बी टीम हैं या कांग्रेस की सी टीम है।'

यह पूछे जाने पर कि गुजरात चुनाव का परिणाम क्या रहेगा, वाघेला ने इस सवाल से किनारा करते हुए कहा: 'गुजरात की जनता जीतेगी। लेकिन बीजेपी को हराना आसान नहीं है, क्योंकि वह गुजरात और केंद्र दोनों जगहों पर सत्ता में है।'

वाघेला ने कहा, '2012 के चुनाव में कांग्रेस बहुमत हासिल कर सकती थी लेकिन नामांकन खत्म होने के समय से आधे घंटे पहले 28 उम्मीदवार बदल दिए गए। हाईकमान ने अंतिम समय में हस्तक्षेप किया। हम 60 सीट जीते, अगर 28 और सीट जीतते तो 2012 में हम बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकते थे।'

गुजरात के वरिष्ठ नेता ने खुलासा किया कि बीजेपी ने उन्हें 2014 के चुनाव में लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। वाघेला ने कहा, 'मैं अपने आत्म-सम्मान की बलि नहीं चढ़ाना चाहता था।'

यह पूछे जाने पर कि 2014 में गले मिलते समय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कानों में क्या कहा था, मुस्कुराते हुए वाघेला ने जवाब दिया, 'सही है, वह मैं था जिससे गले मिलने के बाद उन्हें भी गले मिलने की आदत पड़ी। अब वो पुतिन, ओबामा, ट्रंप सबके गले मिल रहे हैं। लेकिन जो मुद्दा हमने उस समय उठाया था वह अब भी है। मैंने कहा था लोगों की उम्मीदें बड़ी हैं, घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी, अयोध्या में राम मंदिर और धारा 370 को हटाना। अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हो पाया है।' 

आगे उन्होंने कहा, 'जहां तक मोदी जी के कान में मेरे कुछ कहने की बात है तो यह हमेशा के लिए एक रहस्य रह जाएगा।'