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SC का आदेश, 36 घंटे में भ्रूण जांच की जानकारी मिटाएं सर्च इंजन

Khabarindiatv.com 16 Nov 2016, 19:00:41
Khabarindiatv.com

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सर्च इंजनों पर मौजूद भ्रूण लिंग निर्धारण संबंधित जानकारियों पर सख्ती दिखाते हुए गूगल और याहू जैसे सर्च इंजनों को कड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 36 घंटे के भीतर इन सर्च इंजनों से भ्रूण जांच से संबंधित जानकारियां और विज्ञापन हट जाने चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी एक ऐसी नोडल एजेंसी गठित करने का निर्देश दिया है जो वेबसाइटों को मॉनिटर करे।

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जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस अमितवा रॉय की बेंच ने कहा कि यह नोडल एजेंसी इन वेबसाइटों पर दिखाई जा रहीं भ्रूण जांच से संबंधित जानकारियों के बारे में बताएगी। इसके बाद यह गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और याहू जैसे सर्च इंजनों की जिम्मेदारी होगी कि ऐसे कंटेंट वेबसाइट से 36 घंटों के भीतर हट जाएं। बेंच ने कहा, 'हमने भारत सरकार को नोडल एजेंसी गठित करने का निर्देश दिया है। यदि एजेंसी को भ्रूण की जानकारी से जुड़ा कोई कंटेंट वेबसाइट्स पर दिखता है तो यह उन्हें जानकारी देखी। उसके बाद यह सर्च इंजनों की जिम्मेदारी होगी कि इस तरह की जानकारियां 36 घंटे के भीतर मिट जाएं और इसकी सूचना नोडल एजेंसी को दे दी जाए।' 

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 फरवरी को होगी। मामले की सुनवाई के दौरान बेंच ने घट रहे सेक्स रेशियो पर भी चिंता जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि इस बात का पता लगाने की कोई जरूरत नहीं कि पैदा होने वाली संतान लड़का होगा या लड़की। हमें देश में गिर रहे सेक्स रेशियो की चिंता है। गूगल की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट के पूर्व आदेश के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सर्च इंजन खुद ऐसे कंटेंट ब्लॉक करने के लिए कदम उठा रहा है।