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पुलिस ने नजीब को ले जाने वाले ऑटो चालक का पता लगाया, सूचना देने वाले का इनाम बढ़ाया गया

Bhasha 17 Nov 2016, 7:03:08
Bhasha

नयी दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आज दावा किया कि उसने उस ऑटो चालक का पता लगा लिया है जो जे. एन.यू. के लापता छात्र नजीब अहमद को लापता होने के दिन जेएनयू से ले गया था। वहीं दिल्ली पुलिस ने लापता छात्र का पता लगाने में मदद करने वाली सूचना मुहैया कराने वाले को इनाम की राशि दो लाख रूपये से बढ़ाकर पांच लाख रूपये कर दी। 

मामले की जांच करने वाली दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा दल ने कहा कि ऑटो चालक ने उन्हें बताया है कि उसने नजीब को जामिया मिलिया इस्लामिया छोड़ा था। 
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम नजीब के 15 अक्तूबर की गतिविधि का पता लगाने में सफल हुए हैं जिस दिन वह लापता हुआ था। उसने जेएनयू से एक ऑटो लिया और जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर पहंुचा। उसने ऑटो स्वयं ही लिया था और उसके साथ कोई भी नहीं था। 

सूत्रों ने बताया कि पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या नजीब का जामिया में कोई मित्र था जिससे वह मिलने गया था। अपराध शाखा ने आज नजीब के परिवार से बात की और उन्हें जांच की स्थिति से अवगत कराया। 

इससे पहले दिन में दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा ने इनाम की राशि दो लाख रूपये से बढ़ाकर पांच लाख रूपये करने की मंजूरी दी। 
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शुरू में इनाम की राशि 50 हजार रूपये थी लेकिन इसे बढाकर एक रूपये और उसके बाद पिछले महीने इसे बढ़ाकर दोे लाख रूपये कर दिया गया था। वर्मा ने आज राशि बढ़ाकर पांच लाख रूपये कर दी। 

अधिकारी ने कहा कि इसकी जांच करने वाली टीम ने प्रारंभ से शुरूआत की है और वह सभी सुरागों एवं सबूत पर फिर से गौर कर रही है। 

नजीब 15 अक्तूबर को लापता हो गया था और उसका कथित तौर पर उससे पहले रात में एबीवीपी के सदस्यों के साथ झगड़ा हुआ था। गत महीने केंद्रीय गृह मंत्री के दिल्ली पुलिस प्रमुख को निर्देश के बाद लापता छात्र का पता लगाने के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी का नेतृत्व अतिरिक्त डीसीपी..द्वितीय (दक्षिण) मनीषी चंद्रा कर रहे हैं। एसआईटी जांच में मनोरोग कोण पर ध्यान केंद्रित कर रही है क्योंकि यह बात सामने आयी कि नजीब अवसाद से पीडि़त था। 

टीम एम्स या आरएमएल के मनोचिकित्सकों की मदद लेने पर भी विचार कर रही है जिससे मामले की जांच की एक योजना बनायी जा सके। सूत्रों ने कहा कि अपराध शाखा सभी कोणों की जांच कर रही है। जब मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही थी, टीमों को तब बिहार के दरभंगा और नेपाल भेजा गया था जब उन्हें यह संकेत वाला सुराग मिला था कि नजीब वहां हो सकता है। हालांकि उन्हें नजीब वहां नहीं मिला।