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छत्तीसगढ़ के गौशालाओं में 173 से ज्यादा गायों की मौत, 9 अधिकारी निलंबित

Edited by: India TV News Desk 20 Aug 2017, 8:00:54 IST
India TV News Desk

रायपुर: छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बेमेतरा जिले के गौशालाओं में 170 से ज्यादा गायों की मौत हो गई है। राज्य के गौशालाओं में बड़ी संख्या में गायों की मौत के बाद राज्य शासन ने नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने आज यहां भाषा को बताया कि राज्य के दुर्ग और बेमेतरा जिले के गौशालाओं में अभी तक 173 गायों की मृत्यु होने की जानकारी मिली है। पटेल ने बताया कि दुर्ग के धमधा विकासखंड के राजपुर गांव स्थित शगुन गौशाला में 52, बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड के गोडर्मा गांव स्थित फूलचंद गौशाला में 106 और साजा क्षेत्र के ही रानो गांव स्थित मयूरी गौशाला में 15 गायों की मौतें हुई है। उन्होंने बताया कि राजपुर गांव के गौशाला में गायों की मौत की जानकारी मिलने के बाद आयोग ने गौशाला संचालक हरीष वर्मा के खिलाफ तथा अन्य दोनों गौशालाओं के संचालकों के भी खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है। इन सभी गौशाला के संचालक रिश्तेदार हैं। (मोदी राज में 3 सालों में 27 रेल हादसे, 259 मौतें: सुरजेवाला)

पटेल ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार गौशालाओं में अव्यस्था के कारण बड़ी संख्या में गायों की मृत्यु हुई है। अब गायों को इन गौशालाओं से अन्य गौशालाओं में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोडर्मा गांव स्थित फूलचंद गौशाला में गायों की मृत्यु के बाद गायों के शवों को ट्राली में ले जाने की कोशिश की जा रही थी। वहीं कुछ शवों को जमीन में दफनाने की भी सूचना है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राज्य के पशुपालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दुर्ग और बेमेतरा जिले की गौशालाओं में गायों की मौतों को गंभीरता से लिया है। अग्रवाल ने इन मामलों में कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में दुर्ग और बेमेतरा जिले के पशुपालन विभाग के उप संचालकों तथा सात पशु चिकित्सकों और अन्य अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्वाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने गौसेवा आयोग के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड में तथा बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड के गौशालाओं में बड़ी संख्या में गायों की मौतें हुई हैं। इन मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री अग्रवाल ने संचालक पशुपालन छत्तीसगढ़ शासन डाक्टर एस.के पाण्डेय को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट में इन गौशालाओं में गंभीर अनियमितता के बाद भी जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने की बात सामने आई है। अग्रवाल इन दिनों अध्ययन यात्रा में इजराइल प्रवास पर हैं। दुर्ग और बेमेतरा जिले की गौशालाओं में गायों की मौतों की घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने इजराइल से ही दूरभाष पर कृषि एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दुर्ग जिले के पशुपालन विभाग के उपसंचालक एम के चावला, बेमेतरा के पशुपालन विभाग के उप संचालक ए.के सिंह, धमधा क्षेत्र के पशु चिकित्सा सहायक शल्यग्य सत्यम मिश्रा, भारतेश शर्मा, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी एलएस सोरी, साजा क्षेत्र पशु चिकित्सा सहायक शल्यग्य एमएन झा, पुष्पराज खटकर, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी केके ध्रुव और एलडी चंद्राकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इन गौशालाओं की गायों की सतत निगरानी करते हुए जरूरतमंद गायों का उपचार किया जा रहा है। पशु चिकित्सा संचालनालय स्तर के वरिष्ठ पशु चिकित्सकों के दल को राजपुर गांव भेजा गया है। इसी प्रकार दुर्ग जिले की मोबाइल यूनिट पशु चिकित्सकों तथा रोग अनुसंधान में पदस्थ पशु चिकित्सकों द्वारा राजपुर में कैम्प लगाकर वहां की गौशाला की गायों का उपचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सकों का रोस्टर बनाकर 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने समिति गठित की गई है। 17 अगस्त को 73 तथा 18 अगस्त को 79 गायों का इलाज किया गया। राजपुर की गौशाला में 17 अगस्त को 559 गाएं थी। गौशाला की क्षमता से अधिक होने के कारण गायों को नजदीक की गौशालाओं में भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। पशु चिकित्सा विभाग के रिपोर्ट में बताया गया है कि राजपुर स्थित शगुन गौशाला में व्यापक अनियमितता पाए जाने तथा गायों की मृत्यु के संबंध में पशु क्रूरता निवारण का पालन नहीं किए जाने की परिप्रेक्ष्य में सचिव छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग रायपुर द्वारा शगुन गौशाला के अध्यक्ष हरीश वर्मा के विरूद्ध धमधा थाने में 18 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराई गई है। बेमेतरा जिले के गोडर्मा स्थित फूलचंद गौशाला तथा ग्राम रानो स्थित मयूरी गौ रक्षा केन्द्र में गायों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जिला बेमेतरा के निर्देश दिए गए हैं। गोडर्मा और रानो की गौशालाओं में व्याप्त अनियमितताओं तथा गायों की मौत के संबंध में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का पालन नहीं किए जाने के कारण उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं बेमेतरा द्वारा परपाेड़ी थाना में इन दोनों गौशालाओं के प्रबंधन के खिलाफ कल 18 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराई गई है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बेमेतरा जिले के गौशालाओं में बड़ी संख्या में गायों की मृत्यु होने के बाद पुलिस ने दुर्ग जिले के राजपुर गांव स्थित गौशाला के संचालक भाजपा नेता को गिरफतार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजपुर गांव में स्थित गौशाला में गायों की मृत्यु के मामले में पुलिस ने गौशाला संचालक हरीश वर्मा को गिरफतार कर लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग की शिकायत पर यह कार्वाई की गई है। अधिकारियों ने बताया कि वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा चार और छह तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 की धारा 11 तथा भादवि की धारा 409 के तहत कार्रवाई की गई है। आयाेग के मुताबिक गौशाला में भारी अव्यवस्था थी। इधर गौशाला संचालक वर्मा को आज जेल जाते समय कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया और उसके चेहरे पर कालिख पोत दी। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया शगुन गौशाला के संचालक हरीष वर्मा को आज न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर गिरफ्तार वर्मा को जेल दाखिल करने ले जाते समय न्यायालय के सामने, पुलिस बल पर कुछ लोगों ने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाया और झुमा-झाटकी की। वहीं उन्होंने वर्मा के उपर कालिख भी डाल दी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में सेना उर्फ आकाश मजुमदार, दीप साव, जीतू यादव, मोहन सूर्यवंशी, मनदीप सूरी, अजय यादव और अनूप सिन्हा काे गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।