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BLOG : पाकिस्तान के पीएम ‘फ़ौज’ से डरते भी हैं ‘फ़ौज’ के पीछे छिपते भी हैं क्योंकि …

Khabarindiatv.com 26 Nov 2016, 16:33:59
Khabarindiatv.com

(BLOG : मीनाक्षी जोशी)

जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी, तो कम ही सही यह उम्मीद थी कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आएगा। लेकिन नियंत्रण रेखा पर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सीमा पर जारी फायरिंग के बीच पाकिस्तान की ओर से भारत को कई धमकियां मिल रही हैं। पाक प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भारत को चेतावनी दे रहे हैं। नवाज़ ने कहा "भारतीय सैनिक पाकिस्तान के आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बना रहे हैं। अभी तक हमने भारत के आक्रामक व्यवहार के प्रति काफी संयम दिखाया है। लेकिन अब हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगें।"

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यह बयान ठीक वैसा है जैसा 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।' सच तो यह है कि पिछले कई महीनों से पाकिस्तान की सेना लगातार भारतीय गांवों को निशाना बना रही हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय प्रवक्ता विकास स्वरूप के द्वारा जारी आकड़ों पर पाक प्रधानमंत्री ध्यान देना नहीं चाहते लेकिन सच यह है कि केवल एक महीने के अंदर तीन मौकों पर पाक हाई कमीशन के अधिकारियों को बुलाकर सीज़फायर वॉयलेशन पर विरोध जताया गया है और चार विरोध पत्र जारी किए गए हैं।

पाक आर्मी भारी हथियारों और 120 mm के मोर्टार से भारतीय गांवों को निशाना बना रही है। 14 भारतीय गांवों में 4 मौतें हुई और 15 आम नागरिक घायल हुए। गांव के गांव या तो खाली हो गए हैं या फिर लोग बंकरों में रह कर जान बचा रहे हैं। फिर वह रामगढ़ सेक्टर हो या कानाचक सेक्टर, दुधमुंहे बच्चे भी पाक सेना का निशाना बने। 

पाक सेना प्रमुख अपनी सेवानिवृत्ति से चार रोज़ पहले भारत को धमकी देते हैं कि 'भारत की नस्लें नहीं भूल पाएंगी'। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, सेना प्रमुख, वायु सेना प्रमुख और नौसेना प्रमुख की भारत पर चौतरफा 'मुंह'फायरिंग केवल बौखलाहट का नतीजा है। पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार रणनीतिक दृष्टि से मुंह की खा रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद मित्र चीन भी पाकिस्तान के साथ खड़ा नहीं हुआ।

याद रहे पिछले एक हफ्ते में ऐसे 15 मामले पाए गए जिनमें आतंकवादी पाकिस्तानी चौकियों के करीब से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में लगे थे। क्या इस चौतरफा हमले के पीछे बेचैनी तो नहीं क्योंकि घुसपैठ की हर कोशिश को भारतीय सेना लगातार नाकाम कर रही है।

पाकिस्तान ऐसे बयान देकर खुद अपनी अक्षमताओं के पीछे छिप रहा है।आर्थिक आतंकवाद के तार जहां राजनीतिक दलों के नेताओं से जुड़ते हों वह देश आतंकवाद के खात्मे में अपनी शक्ति लगाने की जगह भारत के खिलाफ युद्ध जैसे हालात पैदा कर रहा है। पाकिस्तान ने खुद कबूल किया कि उनकी धरती आतंकवाद से पीड़ित है, फिर भी भारत में आतंक को बढ़ावा दे रहा है।

दरअसल नवाज़ शरीफ को केवल अपनी सत्ता की पड़ी है इसलिए आए दिन भारत के खिलाफ बयान देकर अपनी आवाम को बरगलाने में लगे रहते हैं और शायद राहील शरीफ अपने कार्यकाल बढ़ने का सपना देखते होंगें। भारत को सबक सिखाने की बात करना दरअसल खुद को और आवाम को 'सब्ज़ बाग़' दिखाना है। 

पाकिस्तान के पीएम फ़ौज से डरते भी हैं फ़ौज के पीछे छिपते भी हैं क्योंकि उन्हें पता है पाकिस्तान तख्तापलट का इतिहास रखता है। पाकिस्तान का चरित्र ही उसकी फ़ौजी हुकूमतें तय करती है, इसलिये भारत पर यह चौतरफा हमला कोई नई बात नहीं। पाकिस्तान भारत के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ सकता है लेकिन उसे आतंकवाद के साथ भारत के खिलाफ लड़ने में ज़्यादा सहूलियत है। अपनी शान के लिए लड़ने से क्या बेहतर नहीं शांति की कोशिश हो क्योंकि युद्ध दोनों देशों के लिए मौतें लाएगा।

(ब्लॉग लेखिका मीनाक्षी जोशी देश के नंबर वन चैनल इंडिया टीवी में न्यूज एंकर हैं)