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ओडिशा का सम अस्पताल बगैर अग्नि सुरक्षा मंजूरी के चल रहा था: नड्डा

Bhasha 19 Oct 2016, 20:48:20
Bhasha

भुवनेश्वर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज कहा कि यहां जिस अस्पताल में सोमवार को आग लगने की घटना हुई, वह बगैर अग्नि सुरक्षा मंजूरी के चल रहा था। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार इस गंभीर चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे। वहीं, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हैं।

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केंद्रीय मंत्री ने घायलों की हालत के बारे में जानकारी लेने के लिए विभिन्न अस्पतालों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र जल्द ही सभी राज्यों को एक नयी हिदायत जारी करेगा ताकि ऐसी घटनाओं के दोहराव को टाला जा सके। नड्डा ने इस हादसे को बहुत गंभीर, चिंताजनक और स्तब्ध कर देने वाला करार देते हुए संवाददाताओं से कहा, अस्पताल में अग्नि सुरक्षा उपाय नहीं थे। इसके बावजूद भी यह संचालित किया जा रहा था। यह गंभीर बात है।

इस बीच, एक स्तब्ध करने वाले दावे में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एलएचआरसी) ने कहा कि ओडिशा के 568 अस्पतालों में सिर्फ तीन में अग्नि सुरक्षा मंजूरी हैं। इसने राज्य सरकार को अस्पताल हादसे पर एक नोटिस भी जारी किया। यह राज्य में इस तरह का सबसे भीषण हादसा है। एनएचआरसी ने कहा कि ओडिशा के मुख्य सचिव को एक नोटिस जारी कर छह हफ्तों में इस विषय पर एक रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें मृतकों के निकट परिजन और घायलो के लिए राहत एवं पुनर्वास कोशिशें भी शामिल हैं।

नड्डा ने राज्य का अपना एक दिन का दौरा पूरा करते हुए संवाददाताओं से कहा, हमें देखना होगा कि ऐसी घटनाओं का दोहराव ना हो। मैं अधिकारियों से और सख्त प्रावधान करने को कहूंगा। मैं व्यक्तिगत रूप से देखूंगा कि ऐसी घटनाओं का कहीं भी दोहराव ना हो। उन्होंने कहा, मैं यहां आरोप प्रत्यारोप के लिए नहीं हूं। हमारी वरीयता इस हादसे में घायल हुए लोगों को उचित इलाज और मेडिकल सुविधा मुहैया करने की है।

उन्होंने एम्स, कैपिटल हॉस्पिटल, एएमआरआई हॉस्पिटल और केआईएमएस का दौरा किया जहां घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने उन लोगों की हालत की जानकारी भी ली। इस घटना के मद्देनजर राज्य सरकार ने सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा प्रतिष्ठानों में एक अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने का फैसला किया है।

इस बीच मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रूपया की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में यह कहा गया है। उन्होंने इससे पहले घायलों के भुवनेश्वर और कटक के विभिन्न अस्पतालों में मुफ्त इलाज के निर्देश दिए थे।