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‘आधार को ऑप्शनल रखने का आदेश है तो आप कैसे अनिवार्य बना सकते हैं?’

Bhasha 21 Apr 2017, 14:03:32
Bhasha

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के मुद्दे पर केंद्र से सवाल पूछा है। अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने केंद्र का पक्ष रखते हुए न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि यह पाया गया है कि लोग ऐसे पैन कार्डों की जानकारी दे रहे थे, जिन्हें फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनवाया गया है। रोहतगी ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें एक व्यक्ति के पास कई पैन कार्ड थे और इन फर्जी कार्डों का इस्तेमाल फर्जी कंपनियों को धन का हस्तांतरण करने के लिए किया जा रहा था। (ये हैं भारत की महिला राजनेता जो अपने ग्लैमरस लुक के लिये भी हैं )

इस पर पीठ ने अटॉर्नी जनरल से कहा, क्या इसका उपाय यह है कि आपके पास पैन बनवाने के लिए आधार होना चाहिए? इसे अनिवार्य क्यों बनाया गया? इसके जवाब में रोहतगी ने कहा कि पहले भी पाया गया था कि लोग फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर मोबाइल फोन के लिए सिम कार्ड खरीद रहे थे। तब शीर्ष अदालत ने सरकार से इसपर लगाम कसने को कहा था। पीठ ने कहा कि वह पैन कार्डों के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के सरकार के कदम को चुनौती देने वाली याचिका पर दलीलों की सुनवाई 25 अप्रैल को करेगी।

वर्ष 2017-18 के बजट के वित्त विधेयक में कर प्रावधानों में संशोधन के जरिए सरकार ने आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार को अनिवार्य बना दिया है और कई पैन कार्डों का इस्तेमाल करके की जाने वाली कर चोरी पर रोक लगाने के लिए पैन को आधार से जोड़ने का प्रावधान किया गया है।

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